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प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट के बेटे ने की आत्महत्या, नौकरी छूटने के बाद से अवसाद में था घर का इकलौता चिराग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Sun, 21 Jun 2026 10:10 PM IST
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सार
भोपाल के प्रसिद्ध नेफ्रोलॉजिस्ट के बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उन्होंने 10 जून को जहरीला पदार्थ खा लिया था। नौकरी छूटने के बाद से वह मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर के जाने-माने नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एम.एल. बंजारा के बेटे सौरभ बंजारा (41) की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार सौरभ ने 10 जून को जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान रविवार सुबह उनका निधन हो गया। सौरभ रातीबढ़ थाना क्षेत्र की पूजा कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे। एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। करीब 10 वर्ष पूर्व उनका विवाह हुआ था। परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं। बड़े बेटे की उम्र 7 वर्ष है, जबकि छोटे बेटे का जन्म छह महीने पहले हुआ था।
नौकरी छूटने के बाद बढ़ा मानसिक तनाव
परिजनों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले सौरभ की नौकरी चली गई थी। इसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे। घटना वाले दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं पिता
मृतक के पिता डॉ. एम.एल. बंजारा कमला नेहरू अस्पताल में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और भोपाल के प्रतिष्ठित चिकित्सकों में गिने जाते हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। रातीबढ़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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यह भी पढ़ें: गुना में 70 लाख का डोडाचूरा जब्त, राजस्थान से एमपी आ रही थी यह खेप; घेराबंदी में फंसा अंतरराज्यीय तस्कर
जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक के.के. द्विवेदी के अनुसार प्रारंभिक जांच में नौकरी छूटने के बाद मानसिक तनाव की बात सामने आई है। पुलिस को घटनास्थल या मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कर रही है।
नौकरी छूटने के बाद बढ़ा मानसिक तनाव
परिजनों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, करीब तीन महीने पहले सौरभ की नौकरी चली गई थी। इसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे। घटना वाले दिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें उल्टियां होने लगीं। इसके बाद परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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प्रतिष्ठित चिकित्सक हैं पिता
मृतक के पिता डॉ. एम.एल. बंजारा कमला नेहरू अस्पताल में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और भोपाल के प्रतिष्ठित चिकित्सकों में गिने जाते हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। रातीबढ़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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जांच अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक के.के. द्विवेदी के अनुसार प्रारंभिक जांच में नौकरी छूटने के बाद मानसिक तनाव की बात सामने आई है। पुलिस को घटनास्थल या मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच कर रही है।
