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विभाग को लेकर अब भी फंसा पेंच, विधायक ने कहा, 'बड़े नेता का बेटा होता तो जरूर मंत्री बनता'

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अजय सिंह Updated Fri, 28 Dec 2018 01:53 PM IST
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Congress rebellion raise voice to make minister accused of nepotism kamal nath
कमलनाथ- राजवर्धनसिंह दत्तीगांव - फोटो : self
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मध्यप्रदेश में नई सरकार बनने के अब कांग्रेस नई चुनौती का सामना कर रही है। कांग्रेस को यह चुनौती पार्टी के ही नेता देते दिख रहे हैं। मंत्री नहीं बनाए जानों को लेकर उठा बगावत का बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इसी कड़ी में बदनावर सीट से कांग्रेस के विधायक राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने पार्टी पर वंशवाद के नाम पर हक मारने का आरोप लगाया है। 
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जनता की उम्मीद चढ़ी पक्षपात के भेंट: दत्तीगांव 

राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने कहा कि क्षेत्र की जनता को इस बार उनके मंत्री बनने की उम्मीद थी मगर वंशवाद की वजह से उनका हक छीन लिया गया। मैं इस अन्याय का बदला इस्तीफे से दूंगा उन्होंने कहा कि मंत्री बनने का मुझे शौक नहीं बल्कि यह मेरा हक है। अगर मैं किसी बड़े नेता या पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा होता तो जरूर मंत्री बनता। बदनावर सीट से राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने 41 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।
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वहीं कांग्रेस के नाराज विधायक केपी सिंह, ऐदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह समेत 10 विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं। वह राहुल गांधी से मुलाकात कर अपनी बात रख सकते हैं। 

समर्थकों ने दिया पार्टी को अल्टीमेटम 

कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता केपी सिंह, ऐदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह के समर्थकों ने पार्टी को तीन दिनों का अल्टीमेटम देते हुए अपने नेता को मंत्री बनाए जाने की मांग की है। इसी कड़ी में सुमावली से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मदन शर्मा ने कंसाना को मंत्री नहीं बनाने के विरोध में इस्तीफा दे दिया है।  यह तीनों ही नेता दिग्विजय सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। कई विभागो को लेकर अब भा पेंच फंसा हुआ है। 

सिंधिया जहां गृह और परिवहन विभाग तुलसी सिलावट को दिलवाना चाहते हैं वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ की पसंद राजपुर विधायक बाला बच्चन है। अनुभव और वरिष्टता का हवाला देकर दिग्विजय सिंह डॉ. गोविंद सिंह को गृह विभाग दिलाने पर अड़े हैं। इसके अलावा दिग्विजय सिंह अपने बेटे और राघोगढ़ के विधायक बने जयवर्धन सिंह को वित्त विभाग देने की वकालत कर रहे हैं।

 

कुछ इस तरह हो सकता है बंटवारा

ऐसे हो सकता है विभागों का बंटवारा
मंत्री किसके समर्थक विभाग
सज्जन सिंह वर्मा कमलनाथ लोक निर्माण विभाग
तुलसी सिलावट ज्योतिरादित्य लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
जीतू पटवारी दिग्विजय खेल एवं युवा कल्याण
उमंग सिंघार ज्योतिरादित्य वन मंत्रालय
बाला बच्चन कमलनाथ गृह मंत्रालय
सुरेंद्र सिंह बघेल दिग्विजय नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण
डॉ. गोविंद सिंह दिग्विजय सहकारिता
विजय लक्ष्मी साधौ दिग्विजय चिकित्सा शिक्षा
आरिफ अकील दिग्विजय गैस राहत और अल्प संख्यक कल्याण और सूक्ष्म उद्योग
लाखन सिंह यादव ज्योतिरादित्य सामाजिक न्याय
गोविंद सिंह राजपूत ज्योतिरादित्य राजस्व
ओमकार सिंह मरकाम कमलनाथ आदिमजाति कल्याण
सुखदेव पांसे कमलनाथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी
प्रभुराम चौधरी ज्योतिरादित्य स्कूल शिक्षा
जयवर्द्धन सिंह दिग्विजय वित्त मंत्रालय
कमलेश्वर पटेल दिग्विजय पंचायत एवं ग्रामीण विकास
तरुण भानोत कमलनाथ नगरीय प्रशासन
पीसी शर्मा दिग्विजय उच्च शिक्षा
सचिन यादव अरुण यादव कृषि मंत्रालय
महेंद्र सिंह सिसोदिया ज्योतिरादित्य श्रम विभाग
इमरती देवी ज्योतिरादित्य महिला एवं बाल विकास
प्रियव्रत सिंह दिग्विजय ऊर्जाविभाग
ब्रजेंद्र सिंह राठौर दिग्विजय खनिज विभाग
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