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MP: नहीं रहे आधुनिक जंगल युद्ध प्रणाली के योद्धा रिटायर्ड ब्रिगेडियर बसंत कुमार, 1971 की जंग में थी अहम भूमिका
Wed, 29 Jul 2026 07:43 PM IST
Abhishek Chendke
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Abhishek Chendke
Updated Wed, 29 Jul 2026 07:43 PM IST
सार
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के वीर योद्धा और देश में आधुनिक जंगल युद्ध प्रणाली के शिल्पकार ब्रिगेडियर (रिटा) बसंत कुमार पंवार का 77 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सेवानिवृत्ति के बाद छत्तीसगढ़ में काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वारफेयर कॉलेज की स्थापना की थी।
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ब्रिगेडियर बसंत कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के योद्धा और नक्सली उग्रवाद के खिलाफ देश में आधुनिक जंगल युद्ध प्रणाली के शिल्पकार रहे ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) बसंत कुमार पंवार का महू में निधन हो गया। बुधवार को उनके परिजनों ने यह जानकारी दी। 77 वर्षीय पंवार के दो पुत्र हैं। दोनों बेटे वर्तमान में भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं।
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1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान एक युवा अधिकारी के रूप में पंवार ने सीमा पार अभियानों में हिस्सा लिया। उन्होंने मुक्ति वाहिनी के लड़ाकों के साथ मिलकर कई घात लगाकर हमलों का नेतृत्व किया और ढाका की ओर बढ़ने वाले अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना व मिजोरम और छत्तीसगढ़ पुलिस बलों में पांच दशक से अधिक समय तक राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपनी सेवाएं समर्पित कीं।
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इंदौर में हुआ था जन्म
3 मार्च 1949 को इंदौर में जन्मे बसंत कुमार पंवार दिसंबर 1969 में मराठा लाइट इन्फैंट्री की पहली बटालियन में कमीशंड अधिकारी बने। 1971 के युद्ध के दौरान 95 माउंटेन ब्रिगेड के अधीन सेवा देते हुए उन्होंने कमालपुर और बक्शीगंज में दुश्मन के ठिकानों पर हमलों का नेतृत्व किया। बाद में उन्होंने ऐतिहासिक टंगाइल पैराड्रॉप अभियान में एक महत्वपूर्ण संपर्क अधिकारी की भूमिका निभाई। अपने 36 वर्षों के गौरवशाली सैन्य करियर में उन्होंने 1 मराठा लाइट इन्फैंट्री की कमान संभाली और मिजोरम के वैरेंगटे स्थित सेना के काउंटर इंसर्जेंसी एंड जंगल वारफेयर स्कूल (सीआईजेडब्ल्यूएस) के कमांडेंट रहे। वर्ष 2004 में उन्होंने पहले भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास' की निगरानी भी की। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) और विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) से सम्मानित किया गया।
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छत्तीसगढ़ में विशेष योगदान, रमन सिंह ने दी श्रद्धांजलि
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नियुक्त किया था। अगस्त 2005 में उन्होंने उत्तर बस्तर के कांकेर में काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वारफेयर कॉलेज (सीटीजेडब्ल्यूसी) की स्थापना की। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने ब्रिगेडियर पंवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कांकेर स्थित काउंटर टेररिज्म एंड जंगल वारफेयर कॉलेज में एक प्रशिक्षक के रूप में उनकी भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि जंगल युद्ध में हमारे जवानों को दक्ष बनाने और इस प्रकार सुरक्षा बलों को मजबूत करने में उनका ऐतिहासिक योगदान हमेशा अविस्मरणीय रहेगा। वहीं छग पुलिस ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
