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Khargone: देजला-देवाड़ा जलाशय का गेट खराब, लाखों लीटर पानी बर्बाद, अधिकारियों की लापरवाही से जल संकट के आसार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: खरगोन ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 04:24 PM IST
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सार
जिले के देजला-देवाड़ा जलाशय से लगातार पानी की बर्बादी सामने आई है। ऐसे समय में जब गर्मी बढ़ रही है, यह लापरवाही आने वाले दिनों में जल संकट को और बढ़ा सकती है।
देजला-देवाड़ा जलाशय का गेट खराब होने से हो रही पानी की बर्बादी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले में भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट के हालात बनने लगे हैं। नदी-नाले सूखने की कगार पर हैं और कई क्षेत्रों में पेयजल की समस्या गहराने लगी है। ऐसे समय में देजला-देवाड़ा जलाशय से प्रतिदिन लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, जो चिंता का विषय बन गया है।
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जानकारी के अनुसार जलाशय से जुड़ी मुख्य नहर का गेट लंबे समय से खराब पड़ा हुआ है। इसके चलते पानी बिना नियंत्रण के लगातार नहर में बह रहा है। हैरानी की बात यह है कि रबी सीजन समाप्त होने के बावजूद नहर में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलाशय का जलस्तर तेजी से घटने की आशंका है।
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स्थानीय किसानों ने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह पानी की बर्बादी जारी रही तो आने वाले समय में आसपास के क्षेत्रों में कुओं, नलकूपों और नदी-नालों का जलस्तर काफी नीचे चला जाएगा। इससे न केवल पेयजल संकट गहराएगा, बल्कि खरीफ सीजन की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा। खासकर अक्षय तृतीया के दौरान होने वाली कपास की बोवनी प्रभावित हो सकती है।
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गौरतलब है कि लगभग 38 वर्ष पुराना देजला-देवाड़ा जलाशय 635 हैक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और रबी सीजन में करीब 9 हजार हैक्टेयर भूमि की सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। ऐसे में जलाशय के पानी का इस तरह व्यर्थ बहना भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इस संबंध में उपयंत्री बद्रीलाल रावत ने बताया कि मुख्य नहर का गेट खराब होने के कारण पानी लगातार बह रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और गेट को जल्द ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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