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Mandsaur News: उपमुख्यमंत्री देवड़ा के समर्थक माने जाने वाले राजेश बने भाजपा जिलाध्यक्ष, लंबे मंथन के बाद एलान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: मंदसौर ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2025 11:40 AM IST
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सार
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की विधानसभा मल्हारगढ़ के निवासी राजेश दीक्षित उनके करीबी माने जाते हैं। पूर्व में वे नगर परिषद के अध्यक्ष और वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री रह चुके हैं।
नवनियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित
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विस्तार
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में करीब 20 दिन से अधिक समय तक चली खींचतान और विचार-मंथन के बाद, आखिरकार बुधवार देर शाम को जिला भाजपा अध्यक्ष का ऐलान हो गया। वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री और मल्हारगढ़ के पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष रहे राजेश दीक्षित को जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। घोषणा होते ही मल्हारगढ़ में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया और जमकर आतिशबाजी की। राजेश दीक्षित उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के प्रबल समर्थक माने जाते हैं।
दरअसल, संगठन पर्व के तहत मंदसौर में भाजपा की चुनावी प्रक्रिया आयोजित की गई। मंडल अध्यक्ष के चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की। रायशुमारी के बाद 3 जनवरी को बंद लिफाफे भोपाल में खोले गए और प्रदेश के नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी से वन-टू-वन चर्चा कर पैनल तैयार किया।
बताया जा रहा है कि रायशुमारी में करीब एक दर्जन नाम सामने आए थे। इसके बाद तीन नामों का अंतिम पैनल तैयार किया गया। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच एक नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। यह मंथन भोपाल से लेकर दिल्ली तक चला। रायशुमारी के 20 दिन बाद तक भी किसी एक नाम पर मुहर नहीं लग सकी।
पोस्टर विवाद और अंतिम निर्णय
इस बीच, राजेश दीक्षित के जिलाध्यक्ष बनने की चर्चा पहले से ही जोरों पर थी। उनके नाम की घोषणा से पहले ही उनके बैनर और पोस्टर छपने की बात सामने आई। हालांकि, पोस्टर विवाद के बाद भी भाजपा ने एक सप्ताह तक जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की। दीक्षित को शुरुआत से ही जिलाध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अंततः, भाजपा ने करीब 20 दिन से अधिक समय के विचार-विमर्श के बाद राजेश दीक्षित के नाम पर मुहर लगाई। बुधवार को इसकी घोषणा की गई।
समर्थकों में उत्साह का माहौल
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की विधानसभा मल्हारगढ़ के निवासी राजेश दीक्षित उनके करीबी माने जाते हैं। पूर्व में वे नगर परिषद के अध्यक्ष और वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री रह चुके हैं। ऐसे में देवड़ा ने दीक्षित के पक्ष में समर्थन बनाए रखा। वहीं, सांसद सुधीर गुप्ता और राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर भी अपने समर्थकों के नामों को लेकर अड़े हुए थे। हालांकि, राजेश दीक्षित को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इससे उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
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दरअसल, संगठन पर्व के तहत मंदसौर में भाजपा की चुनावी प्रक्रिया आयोजित की गई। मंडल अध्यक्ष के चुनाव के बाद जिलाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की। रायशुमारी के बाद 3 जनवरी को बंद लिफाफे भोपाल में खोले गए और प्रदेश के नेताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी से वन-टू-वन चर्चा कर पैनल तैयार किया।
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बताया जा रहा है कि रायशुमारी में करीब एक दर्जन नाम सामने आए थे। इसके बाद तीन नामों का अंतिम पैनल तैयार किया गया। हालांकि, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच एक नाम को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। यह मंथन भोपाल से लेकर दिल्ली तक चला। रायशुमारी के 20 दिन बाद तक भी किसी एक नाम पर मुहर नहीं लग सकी।
पोस्टर विवाद और अंतिम निर्णय
इस बीच, राजेश दीक्षित के जिलाध्यक्ष बनने की चर्चा पहले से ही जोरों पर थी। उनके नाम की घोषणा से पहले ही उनके बैनर और पोस्टर छपने की बात सामने आई। हालांकि, पोस्टर विवाद के बाद भी भाजपा ने एक सप्ताह तक जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की। दीक्षित को शुरुआत से ही जिलाध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अंततः, भाजपा ने करीब 20 दिन से अधिक समय के विचार-विमर्श के बाद राजेश दीक्षित के नाम पर मुहर लगाई। बुधवार को इसकी घोषणा की गई।
समर्थकों में उत्साह का माहौल
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की विधानसभा मल्हारगढ़ के निवासी राजेश दीक्षित उनके करीबी माने जाते हैं। पूर्व में वे नगर परिषद के अध्यक्ष और वर्तमान में भाजपा के जिला महामंत्री रह चुके हैं। ऐसे में देवड़ा ने दीक्षित के पक्ष में समर्थन बनाए रखा। वहीं, सांसद सुधीर गुप्ता और राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर भी अपने समर्थकों के नामों को लेकर अड़े हुए थे। हालांकि, राजेश दीक्षित को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इससे उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

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