सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: NGT strict on contaminated water in Rajasthan, UP and MP; seeks reply on sewage in drinking water

MP News: राजस्थान-यूपी-MP में दूषित पानी की सप्लाई पर NGT सख्त, पेयजल में सीवेज का पानी मिलने के आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रिया वर्मा Updated Wed, 14 Jan 2026 07:45 PM IST
विज्ञापन
सार

मध्यप्रदेश, राजस्थान और यूपी के कई शहरों में दूषित पेयजल आपूर्ति का खुलासा करने वाली रिपोर्टों के बाद एनजीटी सक्रिय हो गया है। संभावित स्वास्थ्य जोखिमों और पर्यावरण अधिनियमों के उल्लंघन को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने केंद्र और राज्यों से विस्तृत जवाब मांगा है।

MP News: NGT strict on contaminated water in Rajasthan, UP and MP; seeks reply on sewage in drinking water
दूषित पेयजल आपूर्ति मामले में एनजीटी ने जवाब मांगा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के कई शहरों में लोगों को सीवेज से दूषित पेयजल की आपूर्ति किए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित अन्य संबंधित पक्षों से जवाब-तलब किया है। हरित न्यायाधिकरण ने मंगलवार को इस मामले में दो समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया।

Trending Videos


एनजीटी की पीठ, जिसमें अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल शामिल थे, ने कहा कि पहली रिपोर्ट में गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के कई शहरों उदयपुर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, जयपुर, अजमेर और बारां में जर्जर और दशकों पुरानी पाइप लाइन व्यवस्था के कारण सीवेज का पानी पेयजल पाइप लाइनों में मिल गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि रिपोर्ट में राजस्थान के शहरों में इंदौर जैसी त्रासदी की आशंका जताई गई है। हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से फैले डायरिया के कारण सात लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रिब्यूनल ने दूसरी रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया है कि ग्रेटर नोएडा (सेक्टर डेल्टा-1) के कई निवासी सीवेज से दूषित पेयजल पीने के बाद उल्टी और दस्त जैसे लक्षणों से बीमार पड़ गए।

ये भी पढ़ें: Dindori News: नर्मदा घाटों पर आस्था का सैलाब, मकर संक्रांति पर उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसमूह

इसी रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कुछ इलाकों में पेयजल में ई-कोलाई बैक्टीरिया पाया गया है, जिसका कारण ट्यूबवेल में सीवेज का रिसाव बताया गया है। एनजीटी ने कहा कि उठाए गए मुद्दे गंभीर पर्यावरणीय और जनस्वास्थ्य से जुड़े हैं और प्रथम दृष्टया यह पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम के उल्लंघन को दर्शाते हैं।

न्यायाधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकारों, उनके अपने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालयों से जवाब मांगा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed