फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ratlam: Farmer Murder Case, Suspended Janpad Vice-President Among 8 Get Life Imprisonment

Ratlam: किसान हत्याकांड में बड़ा फैसला, जावरा कोर्ट ने निलंबित जनपद उपाध्यक्ष समेत 8 को उम्रकैद की सजा सुनाई

Fri, 14 Aug 2026 08:50 PM IST
रतलाम ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम Published by: रतलाम ब्यूरो Updated Fri, 14 Aug 2026 08:50 PM IST
सार

करीब ढाई साल पुराने किसान हत्याकांड के मामले में जावरा न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने निलंबित पिपलौदा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुरेश जाट समेत आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
Ratlam: Farmer Murder Case, Suspended Janpad Vice-President Among 8 Get Life Imprisonment
किसान हत्याकांड के मामले में निलंबित जनपद उपाध्यक्ष समेत 8 दोषियों को उम्रकैद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम कंचनखेड़ी में 75 वर्षीय किसान नाथूलाल चौधरी की हत्या के करीब ढाई साल पुराने बहुचर्चित मामले में जावरा न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जावरा जंगबहादुर सिंह राजपूत की अदालत ने निलंबित पिपलौदा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और कांग्रेस समर्थित नेता सुरेश जाट समेत आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर कुल 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

विज्ञापन


मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि वर्ष 2022 में नाथूलाल चौधरी के बेटे धर्मेंद्र चौधरी के साथ मारपीट के मामले में नाथूलाल गवाह थे। उनकी कोर्ट में गवाही होने से ठीक एक दिन पहले आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
विज्ञापन


विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अमित कुमार छारी के अनुसार फरियादी विकास चौधरी ने पिपलौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जनवरी 2024 को सुबह करीब 11 बजे नाथूलाल चौधरी गांव स्थित अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विकास चौधरी और उसके मामा जितेंद्र जाट अपने खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए पाइप ठीक कर रहे थे। तभी उन्हें शोर सुनाई दिया। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि सुरेश जाट, राहुल जाट, कपिल जाट, सुभाष जाट, विकास जाट, बलराम जाट, अवतार सिंह जाट और विक्रम जाट नाथूलाल के साथ मारपीट कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपियों के पास लोहे की टामी, पाइप, लाठी और डंडे थे। विकास और अन्य लोगों को अपनी ओर आते देखकर आरोपी मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल को पहले जावरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रतलाम रैफर किया गया, जहां 3 फरवरी 2024 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने शुरुआत में मामले में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। नाथूलाल की मौत के बाद मामले में धारा 302 जोड़ी गई। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आठों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी आठों आरोपियों को दोषी माना और धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 148 के तहत तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई।

ये भी पढ़ें: MP News: सीएम मोहन यादव का प्रदेश के नाम संदेश, कहा- आपसी सहयोग से निरंतर होगा प्रदेश का विकास

दोषी ठहराए गए आरोपियों में सुरेश जाट (42), राहुल जाट (30), कपिल जाट (27), विकास जाट उर्फ भूरा (24), सुभाष जाट (30), बलराम जाट (34), अवतार सिंह जाट (32), विक्रम जाट (34) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम कंचनखेड़ी के निवासी बताए गए हैं। मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। नाथूलाल चौधरी के बेटे धर्मेंद्र चौधरी ने नल-जल योजना की रसीद और आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। इसी को लेकर 5 सितंबर 2022 को ग्राम कंचनखेड़ी स्थित तेजाजी मंदिर परिसर में तत्कालीन पिपलौदा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुरेश जाट और उसके साथियों ने धर्मेंद्र के साथ मारपीट की थी।

धर्मेंद्र ने इस मामले में पिपलौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में उसके पिता नाथूलाल चौधरी गवाह थे और 25 जनवरी 2024 को उनकी कोर्ट में गवाही होनी थी। आरोप है कि गवाही से ठीक एक दिन पहले यानी 24 जनवरी को नाथूलाल पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल की उपचार के दौरान मौत के बाद मामला हत्या में बदल गया।


नाथूलाल की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी सुरेश जाट के घर के सामने नाथूलाल का शव रखकर कार्रवाई और कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने आरोपी सुरेश जाट के पशु बांधने के लिए बने मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किया था।

प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी विजय कुमार पारस और विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अमित कुमार छारी ने पैरवी की। न्यायालय के फैसले के बाद करीब ढाई साल पुराने इस हत्याकांड में आठों आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed