Sagar News: सीएम यादव ने टाइगर रिजर्व में मनाया जन्मदिन, बामनेर नदी में छोड़े कछुए; चीतों की भी होगी एंट्री
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जन्मदिन मनाते हुए कछुओं को छोड़ा और चीता पुनर्वास की शुरुआत की। सादगी से खलिहान में भोजन किया और बच्चों संग खुशियां साझा कर वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को अपना जन्मदिन अनोखे और प्रकृति-प्रेमी अंदाज में मनाया। उन्होंने सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में फैले वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व का दौरा किया। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए बामनेर नदी में करीब एक दर्जन कछुओं को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिए ‘सॉफ्ट रिलीज बोमा’ का भूमि-पूजन भी किया। अधिकारियों के अनुसार, इस रिजर्व की घासभूमि दक्षिण अफ्रीका के जंगलों के समान है, जो चीतों के लिए अनुकूल मानी जाती है। जल्द ही कूनो अभयारण्य से चीतों को यहां लाकर बसाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश का 7वां और देश का 54वां टाइगर रिजर्व है, जिसकी स्थापना वर्ष 2023 में हुई थी। इसका कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर है। वर्तमान में यहां 32 टाइगर मौजूद हैं, हालांकि यह क्षेत्र ‘भेड़ियों की भूमि’ के रूप में भी प्रसिद्ध है।
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मुख्यमंत्री ने सरकारी तामझाम से दूर सादगी का परिचय देते हुए हरिदास रैकवार के खलिहान में खटिया पर बैठकर बुंदेली भोजन किया। इसके बाद सर्किट हाउस मोहली में बच्चों के साथ जन्मदिन मनाया और उन्हें मिठाई भी खिलाई।
इस टाइगर रिजर्व की खासियतों की बात करें तो यहां 240 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिससे यह पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग समान है। साथ ही यहां टाइगर, पैंथर, भेड़िया, भालू और चौसिंगा जैसे वन्यजीव भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। टाइगर रिजर्व बनने से क्षेत्र में ईको-टूरिज्म और रोजगार की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं।

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