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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP News: Monsoon Turns Fatal: Two Children Drown in Water-Filled Quarry Near Ashta Village

MP News: मानसून की पहली बारिश बनी काल, आष्टा में खदान के पानी में डूबे दो मासूम दोस्त; दोनों की मौत

Sat, 04 Jul 2026 06:13 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Sat, 04 Jul 2026 06:13 PM IST
सार

आष्टा क्षेत्र के ग्राम बापचा दोनिया के दो मासूम दोस्त एक ही नाम राशि के समर की मुरम खदान में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मानसून की शुरुआती बारिश से भरी खदान में नहाने गए दोनों बच्चे गहरे पानी में समा गए, जिससे परिवारों में मातम छा गया।

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MP News: Monsoon Turns Fatal: Two Children Drown in Water-Filled Quarry Near Ashta Village
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में मानसून की पहली तेज बारिश जहां लोगों के लिए राहत बनकर आई, वहीं दो परिवारों के लिए जिंदगीभर का दर्द छोड़ गई। ग्राम बापचा दोनिया के दो मासूम दोस्तों समर और संतोष की एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। बंद पड़ी मुरम खदान में भरे बारिश के पानी ने दोनों बच्चों को हमेशा के लिए लील लिया। गांव में मातम पसरा है और हर आंख नम है।
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शुक्रवार से लगातार हो रही बारिश ने पूरे आष्टा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बना दी थी। खेत, सड़कें और गड्ढे पानी से भर गए थे। इसी बीच ग्राम बागेर के पास स्थित एक पुरानी मुरम खदान भी बारिश के पानी से लबालब भर गई। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यही पानी दो मासूम जिंदगियों के लिए मौत का जाल बन जाएगा।
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हंसते-खेलते घर से निकले थे दोनों दोस्त
जानकारी के अनुसार ग्राम बापचा दोनिया निवासी समर पिता संतोष पाल मालवीय 10 साल व समर पिता जितेंद्र मालवीय 10 साल दोनों नाम राशि के दोस्त शनिवार के दोपहर में घर से खेलने के लिए निकले थे। दोनों गहरे दोस्त थे और अक्सर साथ ही समय बिताते थे। गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए दोनों बच्चों ने गांव से दो-तीन किलोमीटर दूर स्थित खदान में भरे पानी में नहाने का फैसला किया। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा।
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खतरनाक गहराई बनी मौत की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बच्चे पहले खदान के किनारे उथले पानी में खेल रहे थे। धीरे-धीरे वे अंदर की ओर बढ़ते गए। खदान में खुदाई के कारण कई जगह अचानक गहरे गड्ढे बने हुए थे। बच्चों को पानी की गहराई और नीचे मौजूद दलदल का अंदाजा नहीं लग पाया। कुछ ही पलों में दोनों संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में डूबने लगे। बताया जा रहा है कि डूबते समय दोनों बच्चों ने बचने के लिए हाथ-पैर मारे और एक-दूसरे को पकड़ने की कोशिश भी की। लेकिन पानी की गहराई और कीचड़ ने उन्हें बाहर निकलने का कोई मौका नहीं दिया। कुछ ही देर में दोनों मासूम पानी में समा गए। यह दृश्य बेहद दर्दनाक था।

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ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी
जब आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को बच्चों के डूबने की सूचना मिली तो इलाके में चीख-पुकार मच गई। लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए पानी में उतर गए। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। परिजन और ग्रामीण दोनों बच्चों को तुरंत आष्टा के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। यह खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में सन्नाटा छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मासूमों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया।

पुलिस जांच में जुटी, प्रशासन अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आष्टा के बीएमओ डॉ. अमित माथुर ने बताया कि अस्पताल लाए जाने तक दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने बताया कि मृतक दोनों बच्चे आपस में दोस्त थे वह दोनों के नाम भी एक ही थे पुलिस ने मर्ग कायम का पड़ताल शुरू कर दी है।


सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
इस दर्दनाक हादसे के बाद बंद पड़ी खदानों और जलभराव वाले खतरनाक क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यदि पहले से बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।

दोनों बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा
घटना की जानकारी मिलने के बाद आष्टा विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने तहसीलदार आष्टा रामलाल पगारे से जानकारी ली एवं दोनों बालको के परिजनों को शासन के नियमानुसार मिलने वाली 4-4 लाख की सहायता के प्रकरण बनाने के निर्देश दिये । प्रशासन ने दोनों बालकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर दी है।
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