मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजधानी भोपाल के बाद अब रीवा जोन के मऊगंज जिले में कथित MD (मेफेड्रोन) ड्रग्स निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के बिझौली गांव में पुलिस की छापेमार कार्रवाई के दौरान करोड़ों रुपये की संदिग्ध MD ड्रग्स, बड़ी मात्रा में केमिकल, एसिड, ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाले उपकरण तथा एक लग्जरी चार पहिया वाहन बरामद किया गया। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत के निर्देशन में की गई। अभियान का नेतृत्व मऊगंज पुलिस अधीक्षक (एसपी) एस.के. जैन और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) सची पाठक ने किया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिझौली गांव में अवैध रूप से सिंथेटिक ड्रग्स तैयार की जा रही है। सूचना के आधार पर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर दबिश दी गई, जहां संदिग्ध फैक्ट्री का खुलासा हुआ।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में संदिग्ध MD ड्रग्स, विभिन्न रासायनिक पदार्थ, एसिड, लैब उपकरण, मशीनें और अन्य सामग्री जब्त की। बरामद सामग्री की जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वहां किस स्तर पर ड्रग्स का निर्माण किया जा रहा था।
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प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि यहां तैयार होने वाली MD ड्रग्स की सप्लाई रीवा के रास्ते मुंबई सहित अन्य स्थानों तक की जाती थी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जानकारी शुरुआती पूछताछ और जांच पर आधारित है तथा पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने रीवा जोन पुलिस की इस सफलता की सराहना की। उन्होंने आईजी गौरव राजपूत, एसपी एस.के. जैन और पूरी पुलिस टीम को बधाई देते हुए इसे नशे के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। वहीं आईजी गौरव राजपूत ने भी कार्रवाई में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है।
फिलहाल गिरफ्तार चारों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड, आर्थिक लेन-देन, नेटवर्क और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।