Shivpuri News: '25 हजार फॉलोअर्स वाला ही बनेगा मंडल अध्यक्ष', विधायक महेंद्र यादव का बयान वायरल
कोलारस विधायक महेंद्र यादव के सोशल मीडिया फॉलोअर्स को संगठनात्मक पदों से जोड़ने वाले बयान का वीडियो वायरल है। उन्होंने मंडल अध्यक्ष के लिए 25 हजार, शक्ति केंद्र प्रभारी के लिए 5 हजार और बूथ अध्यक्ष के लिए 1 हजार फॉलोअर्स का लक्ष्य बताया। बयान के बाद भाजपा में नई बहस छिड़ गई है।
कोलारस विधायक महेंद्र यादव के सोशल मीडिया फॉलोअर्स को संगठनात्मक पदों से जोड़ने वाले बयान का वीडियो वायरल है। उन्होंने मंडल अध्यक्ष के लिए 25 हजार, शक्ति केंद्र प्रभारी के लिए 5 हजार और बूथ अध्यक्ष के लिए 1 हजार फॉलोअर्स का लक्ष्य बताया। बयान के बाद भाजपा में नई बहस छिड़ गई है।
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अब सियासत सिर्फ जमीन पर नहीं, मोबाइल की स्क्रीन पर भी लड़ी जाएगी। कोलारस से भाजपा विधायक महेंद्र यादव के एक बयान ने संगठन में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ कहा है कि अब पद की पात्रता सिर्फ संगठन कार्य से नहीं, फॉलोअर्स की संख्या से भी तय होगी। भाजपा की मासिक बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें विधायक पदाधिकारियों को डिजिटल ताकत बढ़ाने का टास्क दे रहे हैं।
वायरल वीडियो में विधायक महेंद्र यादव कार्यकर्ताओं को संबोधित करते दिख रहे हैं। उन्होंने बैठक में कहा कि मंडल अध्यक्ष बनना है तो कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स होने चाहिए। जिसके पास 25 हजार फॉलोअर्स हैं, वही असल में मंडल अध्यक्ष कहलाने के लायक है। विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे का रोडमैप भी दे दिया। शक्ति केंद्र प्रभारी के लिए 5 हजार फॉलोअर्स और बूथ अध्यक्ष के लिए 1 हजार फॉलोअर्स का लक्ष्य तय कर दिया। विधायक ने कहा कि अगली मासिक बैठक में इसकी समीक्षा भी होगी कि किसने कितने फॉलोअर्स बढ़ाए। अपने बयान को जायज ठहराने के लिए विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब PM मोदी जी के 100 मिलियन फॉलोअर्स हो सकते हैं, तो हम कार्यकर्ताओं के क्यों नहीं हो सकते? आज का समय सोशल मीडिया का है। जो दिखेगा वही बिकेगा।
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विधायक का मानना है कि सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ से पार्टी का संदेश आखिरी बूथ तक पहुंचेगा और विरोधियों को जवाब देने में आसानी होगी। विधायक के इस बयान के बाद जिले की सियासत में हलचल मच गई है। कुछ कार्यकर्ता इसे नए युग की मांग बता रहे हैं, तो कुछ इसे फॉलोअर्स की राजनीति कहकर सवाल भी उठा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा लंबे समय से सोशल मीडिया को चुनावी हथियार की तरह इस्तेमाल करती आ रही है। ऐसे में विधायक का यह बयान पार्टी की नई रणनीति का संकेत हो सकता है। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद हर कोई अपने फॉलोअर्स गिनने में जुट गया है। अब देखना होगा कि अगली बैठक तक शिवपुरी के भाजपा पदाधिकारी विधायक का दिया डिजिटल टारगेट पूरा कर पाते हैं या नहीं।
