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MP: किसान की कटी फसल ले गए दबंग, एक सप्ताह से अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित; जान से मारने की मिली धमकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टीकमगढ़
Published by: टीकमगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2026 09:35 PM IST
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सार
मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील के बम्होरी कला गांव में किसान की खड़ी फसल को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। किसान ने गांव के दबंगों पर फसल कटवाकर जबरन ले जाने और पुलिस-प्रशासन पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
किसान पुरुषोत्तम सिंह ने लगाई न्याय की गुहोर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टीकमगढ़ जिले के पलेरा तहसील अंतर्गत बम्होरी कला गांव में एक किसान की खड़ी फसल को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। किसान पुरुषोत्तम सिंह ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ दबंग लोगों ने पहले उनकी फसल कटवाई और बाद में कटी हुई फसल को भी जबरन उठा ले गए, जबकि प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
पीड़ित किसान के अनुसार, घटना से पहले ही उन्होंने पटवारी और तहसीलदार पलेरा को मामले की सूचना दी थी।
आरोपियों को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त मिल रहा?
राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रथम दृष्टया शिकायत को सही भी पाया। इसके बावजूद, किसान का आरोप है कि पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुरुषोत्तम सिंह का कहना है कि वह पिछले एक सप्ताह से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने स्थानीय थाना, पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी को भी लिखित शिकायत दी, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। किसान का आरोप है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है।
कटी हुई फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गए दबंग
शनिवार दोपहर को मामला उस समय और बढ़ गया जब आरोपित महिलाएं और अन्य लोग खेत पर पहुंचे और पहले से कटी हुई फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गए। किसान का कहना है कि जब उन्होंने विरोध करने की कोशिश की तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वह भयभीत हो गए।
ये भी पढ़ें- Anuppur Building Collapse: लॉज की तीन मंजिला इमारत गिरी, एक की मौत; मलबे में 10 लोगों के फंसे होने की आशंका
इधर, जतारा एसडीएम संजय दुबे ने बताया कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली थी और उन्होंने किसान की फसल कटवाने के लिए तहसीलदार पलेरा को निर्देश दिए थे। हालांकि, फसल लूटे जाने की जानकारी उनके पास नहीं है। घटना के बाद से क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित किसान न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
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पीड़ित किसान के अनुसार, घटना से पहले ही उन्होंने पटवारी और तहसीलदार पलेरा को मामले की सूचना दी थी।
आरोपियों को किसका राजनीतिक संरक्षण प्राप्त मिल रहा?
राजस्व अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रथम दृष्टया शिकायत को सही भी पाया। इसके बावजूद, किसान का आरोप है कि पुलिस ने मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुरुषोत्तम सिंह का कहना है कि वह पिछले एक सप्ताह से लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने स्थानीय थाना, पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी को भी लिखित शिकायत दी, लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। किसान का आरोप है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है।
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कटी हुई फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गए दबंग
शनिवार दोपहर को मामला उस समय और बढ़ गया जब आरोपित महिलाएं और अन्य लोग खेत पर पहुंचे और पहले से कटी हुई फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले गए। किसान का कहना है कि जब उन्होंने विरोध करने की कोशिश की तो उन्हें झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वह भयभीत हो गए।
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इधर, जतारा एसडीएम संजय दुबे ने बताया कि उन्हें इस मामले की शिकायत मिली थी और उन्होंने किसान की फसल कटवाने के लिए तहसीलदार पलेरा को निर्देश दिए थे। हालांकि, फसल लूटे जाने की जानकारी उनके पास नहीं है। घटना के बाद से क्षेत्र में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित किसान न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

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