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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mahakal Sawari Route Ready: Ujjain Admin Completes Work in 15 Days for Shravan Procession

Baba Mahakal: महाकाल की पहली सवारी में इस बार क्या होगा खास? कैसा रहेगा इंतजाम; जानिए पूरा कार्यक्रम और रूट

Sat, 01 Aug 2026 05:28 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Sat, 01 Aug 2026 05:28 PM IST
सार

Ujjain: उज्जैन में 3 अगस्त को निकलने वाली बाबा महाकाल की पहली शाही सवारी को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है। इस बार सवारी में कई खास बदलाव किए गए हैं। किस मार्ग से पालकी निकलेगी, इसे लेकर तैयारी क्या-क्या की गई है। पढ़ें पूरी खबर

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Mahakal Sawari Route Ready: Ujjain Admin Completes Work in 15 Days for Shravan Procession
कार्यक्रम को लेकर तैयारी शुरू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कालों के काल बाबा महाकाल की श्रावण-भाद्रपद मास की पवित्र सवारी का इंतजार अब समाप्त होने वाला है। श्रावण के पहले सोमवार 3 अगस्त को भगवान महाकाल की पहली सवारी पूरे वैभव और श्रद्धा के साथ निकलेगी। पालकी में विराजमान होकर बाबा महाकाल नगर भ्रमण करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। सवारी से पहले प्रशासन ने पूरे मार्ग को दुरुस्त कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।

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स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले तक जिस सवारी मार्ग पर सड़कें जर्जर थीं और बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अधिकारियों ने दिन-रात मेहनत कर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर दी हैं। खासकर ईदगाह मार्ग पर चौड़ीकरण का कार्य होने से रास्ता पहले की तुलना में अधिक चौड़ा, सुंदर और सुगम हो गया है।
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ऐसे है महाकाल सवारी का मार्ग
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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम
प्रशासन के प्रयासों से अब श्रद्धालुओं को बाबा महाकाल के दर्शन अधिक सुगमता से हो सकेंगे। सवारी के दौरान संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा की नगरी सवारी के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। मान्यता है कि श्रावण-भाद्रपद में निकलने वाली महाकाल की सवारी के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 3 अगस्त से शुरू होने वाली इस दिव्य सवारी को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है।


यह रहेगा सवारी का कार्यक्रम

  • दोपहर 3:30 बजे: श्री सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन।
  • शाम 4:00 बजे: महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से पालकी का प्रस्थान।
  • शाम 5:00 से 5:30 बजे: रामघाट पहुंचकर क्षिप्रा तट पर पूजन और अभिषेक।
  • शाम 7:15 बजे: बाबा महाकाल की पालकी पुनः मंदिर परिसर में प्रवेश करेगी।
     

इस मार्ग से निकलेगी सवारी
महाकाल मंदिर के मुख्य द्वार से निकलकर पालकी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। यहां क्षिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान महाकाल का अभिषेक और आरती की जाएगी। इसके बाद सवारी रामघाट, रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में देंगे दर्शन
श्रावण के पहले सोमवार भगवान महाकाल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में पालकी में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। सवारी के दौरान सशस्त्र पुलिस बल बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर देगा। ढोल-नगाड़ों, झांझ-मंजीरों और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो जाएगी। जब सवारी गोपाल मंदिर पहुंचेगी, तब हरि-हर मिलन का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।

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