{"_id":"6a64587fa0965dcf9c08b842","slug":"ceo-of-shahdol-cooperative-bank-suspended-over-financial-irregularities-umaria-news-c-1-1-noi1225-4539678-2026-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Umaria News: शहडोल सहकारी बैंक के सीईओ निलंबित, वित्तीय अनियमितताओं की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Umaria News: शहडोल सहकारी बैंक के सीईओ निलंबित, वित्तीय अनियमितताओं की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए
Sat, 25 Jul 2026 03:37 PM IST
उमरिया ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया
Published by: उमरिया ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2026 03:37 PM IST
सार
प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि श्री एस.के. यादव का कृत्य बैंक सेवा नियमों के तहत गंभीर दुराचरण की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित की संभागीय शाखा रीवा निर्धारित किया गया है।
विज्ञापन
खबर का सार (45 शब्द):जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संतोष कुमार या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शहडोल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) संतोष कुमार यादव को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई दो सदस्यीय जांच दल की अंतरिम रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद की गई। मामला सामने आने के बाद अब सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में हुई अन्य कथित अनियमितताओं की जांच भी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की शिकायत दिल्ली के अधिवक्ता एवं टीएनटी लीगल के सीईओ कुणाल ठाकुर द्वारा की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन सीईओ संतोष कुमार यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं। शिकायत के अनुसार विभिन्न शाखा प्रबंधकों और कर्मचारियों से अवैध रूप से धनराशि वसूली गई तथा कुछ राशि सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में और कुछ राशि अन्य व्यक्तियों के खातों में स्थानांतरित कराई गई।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता कुणाल ठाकुर का कहना है कि शहडोल संभाग के उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिलों की कई शाखाओं में आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत की गई थी। इसमें नौगवां, कुम्हरवाह, कोटरी और राजेंद्रग्राम सहित कई सहकारी समितियों का उल्लेख किया गया है, जहां कथित रूप से प्रबंधकों और प्रशासकों की मिलीभगत से वित्तीय गड़बड़ियां हुईं। शिकायत में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शाखा उमरिया में भी कथित अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन
पढ़ें: पचोर-खुजनेर रोड पर कार नाले में गिरी, चार लोगों की मौके पर मौत; जांच शुरू
बताया गया कि शिकायत के बाद जांच प्रक्रिया में लगातार विलंब होता रहा। हालांकि शिकायतकर्ता द्वारा लगातार रिमाइंडर भेजे जाने और आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, मध्यप्रदेश के पत्र के बाद प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक भोपाल मनोज कुमार गुप्ता ने जांच कराई। जांच दल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में धान उपार्जन वर्ष 2023-24 के खरीदी व्यय में शासन द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक व्यय दर्शाने, फील्ड कर्मचारियों से अपने बैंक खाते में धनराशि स्थानांतरित कराने तथा नव नियुक्त समिति प्रबंधकों से खली-चुनी के नाम पर अपने खाते में राशि ट्रांसफर कराने जैसी गंभीर आर्थिक अनियमितताओं को प्रथम दृष्टया सही पाया।
प्रबंध संचालक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि श्री एस.के. यादव का कृत्य बैंक सेवा नियमों के तहत गंभीर दुराचरण की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय मध्यप्रदेश राज्य सहकारी बैंक मर्यादित की संभागीय शाखा रीवा निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
शिकायतकर्ता कुणाल ठाकुर ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी शिकायतें आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) और लोकायुक्त को भेजी गई हैं। उनका कहना है कि फिलहाल जांच जारी है और आने वाले समय में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और इस पूरे प्रकरण में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।
