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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur MLA court rejects anticipatory bail plea of former MLA Shashank Bhargava

Vidisha News: पूर्व विधायक शशांक भार्गव को बड़ा झटका, एमएलए कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

Sun, 05 Jul 2026 03:46 PM IST
विदिशा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा Published by: विदिशा ब्यूरो Updated Sun, 05 Jul 2026 03:46 PM IST
सार

विदिशा के आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव को जबलपुर की विशेष एमएलए/एमपी कोर्ट से बड़ा झटका लगा। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अब उनके पास सुप्रीम कोर्ट जाने या पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत लेने का विकल्प बचा है।

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Jabalpur MLA court rejects anticipatory bail plea of former MLA Shashank Bhargava
पूर्व विधायक शशांक भार्गव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदिशा से जुड़े आत्महत्या के लिए उकसाने के चर्चित मामले में पूर्व विधायक शशांक भार्गव को शनिवार को कानूनी मोर्चे पर बड़ा झटका लगा। जबलपुर स्थित विशेष एमएलए/एमपी कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब भार्गव के पास सिर्फ दो रास्ते बचे हैं - या तो सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं, या फिर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करें।

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यह मामला विदिशा जिले के बेहलोट गांव निवासी गोविंद सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। 27 अप्रैल को गोविंद सिंह ने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने आकर जान दे दी थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने अपने परिजनों को कुछ वीडियो भेजे थे। परिजनों के बयान और वीडियो के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पूर्व विधायक शशांक भार्गव का नाम सामने आया। पुलिस का आरोप है कि गोविंद सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। इसी आधार पर भार्गव के खिलाफ धारा 108 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
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इसलिए नहीं दिया जमानत का लाभ
मामला दर्ज होने के बाद से ही शशांक भार्गव गिरफ्तारी से बच रहे थे। सबसे पहले 6 मई को उन्होंने विदिशा जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर खंडपीठ में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान मामला विशेषाधिकार के कारण जबलपुर की एमएलए कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। 9 जून को जबलपुर कोर्ट में याचिका पहुंची, जिसके बाद कई तारीखें पड़ीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विदिशा पुलिस से पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज पुराने आपराधिक प्रकरणों और वर्तमान स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि भार्गव पर पहले से भी कई मामले दर्ज हैं और वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे। दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद शनिवार को कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से साफ इनकार कर दिया। जज ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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अब शशांक भार्गव के पास दो ही विकल्प
शशांक भार्गव के पास अब दो विकल्प शेष हैं। पहला, वे सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका यानी एसएलपी दाखिल कर सकते हैं। दूसरा, वे सीधे विदिशा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करें और फिर नियमित जमानत के लिए आवेदन करें। सूत्रों का कहना है कि भार्गव के वकील अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन तब तक पुलिस किसी भी समय गिरफ्तारी की कार्रवाई कर सकती है। पुलिस ने भी कहा है कि कोर्ट के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई नियम अनुसार की जाएगी।


शशांक भार्गव पूर्व में विधायक रह चुके हैं और उनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ मानी जाती है। लेकिन इस केस और गिरफ्तारी के डर से पिछले दो महीने से वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर हैं। कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब उनके राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल विदिशा पुलिस की टीम भार्गव की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। देखना होगा कि पूर्व विधायक सुप्रीम कोर्ट जाते हैं या कानून के सामने समर्पण करते हैं।

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