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36 सालों में कितनी बदली Maruti की पहली कार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 27 Dec 2019 03:50 PM IST
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first maruti 800 car owner harpal singh
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14 दिसंबर, 1983 को गुड़गांव की एक फैक्ट्री से मालाओं से लदी हुई एक छोटी सी सफेद कार निकली और भारत की पहली मारुति 800 की स्टीयरिंग पर बैठे हुए थे भारतीय एयरलाइन के कर्मचारी हरपाल सिंह जो गाड़ी को चलाकर अपने ग्रीन पार्क स्थित घर की ओर ले जा रहे थे।
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first maruti 800 abandoned
- फोटो : Team BHP
मारुति उद्योग ने बनाया था
हरपाल सिंह की साल 2010 में मौत के बाद इस एतिहासिक कार की परवाह करनेवाला कोई था। यह लावारिस हालत में सिंह के दिल्ली स्थित ग्रीन पार्क घर में पड़ी रही। लेकिन इस कार की किस्मत से कई लोगों को रश्क होगा। अब इस कार की मारुति सर्विस सेंटर में मरम्मत की जा रही है। यहां भारत की पहली मारुति 800 कार को फैक्ट्री के मुताबिक रंग और रूप दिया जा रहा है।मारुति 800, जिसे एसएस 80 के नाम से भी जाना जाता है, भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (तब मारुति उद्योग) की पहली कार थी।
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first maruti 800 Restoration
- फोटो : Team BHP
आते ही हिट हो गई मारुति 800
1980 के दशक में भारत की सड़कों पर हिंदुस्तान एम्बेसडर और प्रीमियर पद्मिनी इन दो गाड़ियों का दबदबा था। इनको टक्कर देने के लिए इनके विकल्प के तौर पर एक आधुनिक, सस्ती और ज्यादा माइलेज देने वाली कार क जरूरत महसूस की जा रही थी। इन जरूरतों को पूरा करने के लिए मारुति उद्योग ने मारुति 800 लॉन्च की जो तुरंत हिट हो गई। कंपनी ने इस कार का करीब 3 दशकों तक उत्पादन किया।मारुति 800 की शुरुआत 796cc, 3 सिलेंडर F8D पेट्रोल इंजन के साथ हुई थी, जो आज तक मारुति की कई कारों जैसे कि ऑल्टो 800 और ओमनी में इस्तेमाल की जाती है। इस इंजन की जबरदस्त विश्वसनीयता और इसके बहुत कम रखरखाव की खासियत की वजह से यह भारत में बेची जाने वाली सबसे ज्यादा कारों में इस्तेमाल किया जा रहा है।
first maruti 800 Restoration
- फोटो : Team BHP
समय के साथ इंजन में हुआ बदलाव
मारुति 800 के इंजन की बात करें तो इसकी इतनी लंबी यात्रा के इतने वर्षों के दौरान इसकी शक्ति और टॉर्क में समय-समय पर बदलाव होता रहा। पहली पीढ़ी का इंजन 35Bhp का था, जो 5 स्पीड-MPFI मॉडल में 45 Bhp का हो गया। मारुति ऑल्टो 800 के मौजूदा मॉडल में, F8D इंजन इस्तेमाल किया जाता है जिसमें खासा बदलाव किया गया है और अब यह 47 Bhp की ताकत के साथ आता है जो 69 Nm का टॉर्क पैदा करता है।इन वर्षों में, पेट्रोल इंजन, एलपीजी-पेट्रोल और सीएनजी-पेट्रोल वेरिएंट में तब्दील हुआ। जबकि इंजन 4 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ शुरू हुआ था, और मारुति 800 के अंतिम वर्षों में इसे 5 स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स मिला, जो मारुति ऑल्टो में भी इस्तेमाल किया गया।
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Maruti Alto
क्यों बंद हुई मारुति 800
जब मारुति Alto (अल्टो) लॉन्च की गई तो इसमें मारुति 800 से ज्यादा ताकतवर इंजन, स्टाइल और फीचर्स दिए गए थे। अल्टो की बिक्री मारुति 800 के साथ-साथ की जा रही थी। लेकिन अल्टो से सस्ती मारुति 800 की ब्रांडिंग ज्यादा मजबूत थी और भारत के सेमी-अर्बन इलाकों में इसकी मांग ज्यादा थी।अल्टो लॉन्च होने के बावजूद मारुति 800 की जबरदस्त बिक्री को देखते हुए कार निर्माताओं को मारुति 800 का उत्पादन बंद करने का फैसला करना पड़ा, ताकि अल्टो को पॉपुलर बनाया जा सके। इसलिए साल 2010 में कंपनी ने मारुति 800 को बनान बंद कर दिया। आखिरकार अल्टो को सबसे ज्यादा बिकनेवाली कार का तमगा हासिल हो गया जो सालों से मारुति 800 के हिस्से था।

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