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EV Policy: दिल्ली की नई ईवी नीति का लक्ष्य 2027 तक 95% इलेक्ट्रिक वाहन, 20,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 14 Apr 2025 02:30 PM IST
सार
दिल्ली सरकार अब अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी के दूसरे चरण यानी ईवी पॉलिसी 2.0 को लाने की तैयारी में है। यह नीति राजधानी में स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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Electric Car
- फोटो : Freepik
दिल्ली सरकार अब अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी के दूसरे चरण यानी ईवी पॉलिसी 2.0 को लाने की तैयारी में है। यह नीति राजधानी में स्वच्छ और हरित परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार दिल्ली ईवी नीति का ध्यान सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों के अपनाने को बढ़ावा देना नहीं बल्कि नौकरियां बढ़ाने, ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने, और प्रदूषण को घटाने पर भी रहेगा।
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ईवी सेक्टर में मिलेंगी 20,000 नई नौकरियां
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा के मुताबिक, इस नई पॉलिसी के जरिए राजधानी में ईवी सेक्टर से जुड़े करीब 20,000 रोजगार के मौके तैयार होंगे। ये नौकरियां चार्जिंग स्टेशन चलाने से लेकर बैटरी रिसाइक्लिंग तक कई अलग-अलग क्षेत्रों में होंगी। सरकार का मकसद है कि ईवी के जरिए न सिर्फ प्रदूषण घटे, बल्कि लोगों को रोजगार के नए विकल्प भी मिलें।
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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा के मुताबिक, इस नई पॉलिसी के जरिए राजधानी में ईवी सेक्टर से जुड़े करीब 20,000 रोजगार के मौके तैयार होंगे। ये नौकरियां चार्जिंग स्टेशन चलाने से लेकर बैटरी रिसाइक्लिंग तक कई अलग-अलग क्षेत्रों में होंगी। सरकार का मकसद है कि ईवी के जरिए न सिर्फ प्रदूषण घटे, बल्कि लोगों को रोजगार के नए विकल्प भी मिलें।
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स्किल डेवेलपमेंट सेंटर्स भी बनेंगे
मसौदा नीति के मुताबिक, राजधानी में स्किल डेवेलपमेंट सेंटर्स भी खोले जाएंगे, जो कि शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करेंगे। इन सेंटर्स का मकसद ईवी की मरम्मत, संचालन और तकनीकी देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार करना होगा। ताकि जैसे-जैसे ईवी का मार्केट बढ़े, वैसे-वैसे ट्रेंड स्टाफ की भी कमी न हो।
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मसौदा नीति के मुताबिक, राजधानी में स्किल डेवेलपमेंट सेंटर्स भी खोले जाएंगे, जो कि शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करेंगे। इन सेंटर्स का मकसद ईवी की मरम्मत, संचालन और तकनीकी देखभाल के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार करना होगा। ताकि जैसे-जैसे ईवी का मार्केट बढ़े, वैसे-वैसे ट्रेंड स्टाफ की भी कमी न हो।
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2027 तक 95% नई गाड़ियां होंगी इलेक्ट्रिक
नई ईवी नीति का सबसे बड़ा लक्ष्य यह है कि 2027 तक दिल्ली में जितनी भी नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा, उनमें 95 प्रतिशत गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों। इसमें दोपहिया वाहन, ऑटो, डिलीवरी व्हीकल्स और बसें, सब कुछ शामिल है।
इस बदलाव को आसान बनाने के लिए सरकार राजधानी में चार्जिंग पॉइंट्स और बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने जा रही है। यह काम 2030 तक पूरा करने का प्लान है, जिससे हर तरह के इलेक्ट्रिक वाहन को चार्जिंग पॉइन्ट तक आसानी से पहुंच मिल सके।
यह भी पढ़ें - Tata Curvv Dark Edition: टाटा कर्व डार्क एडिशन लॉन्च, जानें फीचर्स और क्या हुए बदलाव
नई ईवी नीति का सबसे बड़ा लक्ष्य यह है कि 2027 तक दिल्ली में जितनी भी नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होगा, उनमें 95 प्रतिशत गाड़ियां इलेक्ट्रिक हों। इसमें दोपहिया वाहन, ऑटो, डिलीवरी व्हीकल्स और बसें, सब कुछ शामिल है।
इस बदलाव को आसान बनाने के लिए सरकार राजधानी में चार्जिंग पॉइंट्स और बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार करने जा रही है। यह काम 2030 तक पूरा करने का प्लान है, जिससे हर तरह के इलेक्ट्रिक वाहन को चार्जिंग पॉइन्ट तक आसानी से पहुंच मिल सके।
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नई ईवी पॉलिसी के तहत होंगे कई बदलाव
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पेट्रोल और सीएनजी वाहनों पर सख्ती
नई पॉलिसी में फॉसिल फ्यूल वाले वाहनों को धीरे-धीरे हटाने का टाइमलाइन भी तय किया गया है:
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नई पॉलिसी में फॉसिल फ्यूल वाले वाहनों को धीरे-धीरे हटाने का टाइमलाइन भी तय किया गया है:
- 15 अगस्त 2025 से नए सीएनजी ऑटो का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।
- 10 साल से पुराने सीएनजी ऑटो को बैटरी से चलने वाली गाड़ियों में कन्वर्ट करना होगा।
- 2025 के मध्य से माल ढोने वाले सीएनजी तीन-पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन भी बंद हो जाएगा।
- और सबसे बड़ा कदम होगा अगस्त 2026 में, जब पेट्रोल और सीएनजी से चलने वाले टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।
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