Bihar Sports University: शारीरिक शिक्षा एवं खेल विज्ञान पर हो रहा राष्ट्रीय कॉन्क्लेव, जानें क्या कुछ होगा
Rajgir News: बिहार खेल विश्वविद्यालय में आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव से न केवल बिहार में खेल शिक्षा के विकास को गति मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर खेल विज्ञान के क्षेत्र में विचारों और अनुसंधानों का आदान-प्रदान भी होगा। पढ़ें पूरी खबर...।
मेजर जनरल एसएन मुखर्जी देंगे कीनोट एड्रेस
कॉन्क्लेव के पहले दिन दोपहर 12 बजे कीनोट स्पीकर के रूप में मेजर जनरल एसएन मुखर्जी (पूर्व कुलपति, लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, ग्वालियर) ‘इमर्जिंग कोर्सेज इन फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज इन अ स्पेसिफिक रेफरेंस टू बीएसयूआर’ विषय पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।
इसके बाद पहले टेक्निकल सेशन की शुरुआत होगी, जिसमें देश के प्रमुख शिक्षाविद जैसे डॉ. ललित शर्मा (प्रोफेसर, इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय) और डॉ. विक्रम सिंह (प्रोफेसर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) भाग लेंगे। इन सत्रों में खेल विज्ञान के समकालीन आयामों, प्रशिक्षण पद्धतियों और अकादमिक नवाचारों पर चर्चा की जाएगी।
दूसरे दिन होंगे विशेष सत्र, रोशन कुमार और कुलपति करेंगे संबोधित
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन 21 मार्च को विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा। अंतिम सत्र में रोशन कुमार (हेड ऑफ ऑपरेशंस, एसपीएएबी, पटना) ‘मीटिंग कंटेम्परेरी डिमांड्स इन स्पोर्ट्स साइंसेज: बिल्डिंग ए स्ट्रॉन्ग परफॉर्मेंस एनालिसिस इकोसिस्टम थ्रू इंटीग्रेशन ऑफ एलाइड स्पोर्ट्स साइंस डिसिप्लिन्स’ विषय पर विचार साझा करेंगे।
इसके बाद शाम 4:15 बजे बिहार खेल विश्वविद्यालय के कुलपति शिशिर सिन्हा समापन सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे दो दिवसीय कॉन्क्लेव की उपलब्धियों व भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालेंगे।
AIU की सदस्यता मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि बिहार खेल विश्वविद्यालय को भारतीय विश्वविद्यालय संघ (AIU) की सदस्यता देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए आवेदन किया था, जिस पर विचार करते हुए संघ द्वारा एक अप्रैल से पूर्वी क्षेत्र में इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है।
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गौरतलब है कि AIU की आम सभा ने 14 नवंबर 2009 को अपनी 84वीं वार्षिक बैठक में इस प्रस्ताव को अनुमोदित किया था, जो अब अमल में लाया जा रहा है। यह सदस्यता बिहार खेल विश्वविद्यालय को देश के अन्य अग्रणी खेल शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में शामिल कराएगी।
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव से न केवल बिहार में खेल शिक्षा के विकास को गति मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर खेल विज्ञान के क्षेत्र में विचारों और अनुसंधानों का आदान-प्रदान भी होगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इससे युवा छात्रों और प्रशिक्षकों को नई दिशा और अवसर मिलेंगे।