Himba Tribe: दुनिया में कई रहस्यमयी जनजातियां पाई हैं। इनकी परंपरा, रहन-सहन और खान-पान के लिए हमेशा चर्चा होती है। दुनिया में रहने वाली आदिवासी प्रजातियां आज भी हजारों साल पुरानी परंपराओं का पालन करती हैं। ये जनजातियां जिन जंगलों में रहती हैं इनका उन पर पूरा अधिकार होता है। सरकारें भी इन प्रजातियों के अधिकारों में दखल नहीं देती हैं। दुनिया में इन जनजातियों में कुछ बेहद अनोखी होती हैं।
Himba Tribe: जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं ये आदिवासी महिलाएं, बच्चों के जन्म पर करती हैं कुछ ऐसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिंबा जनजाति बेहद अनोखी है, क्योंकि यहां बच्चों के पैदा होने पर काफी दिलचस्प परंपरा है। इस जनजाति में जन्म की तिथि बच्चे दुनिया में आने के बाद नहीं मानी जाती है बल्कि जब महिला बच्चे के बारे में सोचती है तब से ही बच्चे का जन्म माना जाता है।
बच्चों के लिए खासा गीत
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं को बच्चों से गीत सुनने का सुझाव दिया जाता है। इसके बाद से वह पेड़ के नीच बैठकर बच्चों से संबंधित गीत सुनने की कोशिश करती है। इसके बाद वह गीत अपने साथ को भी गाकर सुनाती है। दोनों जब संबंध बनाते हैं तब भी वह इस गीत को गाते हैं। जब महिला गर्भवती हो जाती है, तो जनजाति की दूसरी महिलाओं को गीत सिखाती है। जब महिला गर्भवती होती है, तो उसको घेर सभी यह गीत गाते हैं। इंसान के आखिरी सांस तक उसको गीत सुनाया जाता है।
नहाने को लेकर है ये परंपरा
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हिंबा जनजाति की महिलाएं अपनी पूरी जिंदगी में सिर्फ एक बार नहाती हैं। वह भी अपनी शादी के दिन। इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि वह अपने कपड़े धोने के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं कर सकती हैं।
खुद को साफ रखने के लिए अपनाती हैं खास तरीका
इस जनजाति की महिलाओं खुद को साफ रखने के लिए खास तरीका अपनाती हैं। वह खास जड़ी-बूटियों को पानी में उबालती हैं और भाप से खुद को साफ रखती हैं जिससे शरीर से बदबू नहीं आती है। इसके साथ धूप से चमड़ी को बचाने के लिए खास लोशन का लगाती है। जो जानवरों की चर्बी और लोहे की तरह एक खनिज तत्व, हेमाटाइट से बनता है।