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आज का रहस्य: कहानी पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे की, जिसके भीतर छुपा है बेशुमार खजाना
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:58 PM IST
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Padmanabhaswamy Temple
- फोटो : पीटीआई
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आज के रहस्य की इस श्रृंखला में हम बात करने वाले हैं भारत के सबसे रहस्यमयी मंदिर पद्मनाभस्वामी के बारे में। आपने इस मंदिर के बारे में जरूर सुना होगा। साल 2011 में जब इसके 6 दरवाजों को खोला गया था, तो उसमें से बेशुमार मात्रा में खजाने की प्राप्ति हुई थी। हालांकि सातवें दरवाजे को खोलने को लेकर काफी विवाद हुआ। इसे देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उस दौरान इस मामले में दखल दिया और सातवें दरवाजे को खोलने पर रोक लगा दी। कहा जाता है कि पिछले 6 दरवाजों को खोलने पर जितना खजाना निकला था। उससे भी कहीं अधिक खजाना सातवें दरवाजे के भीतर मौजूद है। मान्यताओं की मानें तो अगर पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे को खोला जाएगा, तो कई अनिष्टकारी घटनाएं हो सकती हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको बताने वाले हैं पद्मनाभस्वामी मंदिर के भीतर मौजूद सातवें दरवाजे के रहस्य के बारे में, जिसके भीतर कहा जाता है कि बेशुमार खजाना छुपा हुआ है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
भगवान विष्णु को समर्पित ये मंदिर तिरुवनंतपुरम में स्थित है। इसे त्रावणकोर के राजाओं द्वारा बनाया गया था। उस समय त्रावणकोर के राजा भगवान विष्णु के परम भक्त हुआ करते थे। उन्होंने अपनी संपत्ति और सब कुछ भगवान विष्णु के प्रति समर्पित कर दिया था। 1750 में महाराज मार्तेंड वर्मा ने अपने आपको भगवान का दास बताया था। कहा जाता है कि तब से ही इस मंदिर की देखरेख राजघराना कर रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
पद्मनाभस्वामी मंदिर के जब 6 दरवाजों को खोला गया था, उस समय करीब 1 लाख 32 हजार करोड़ का खजाना भारत सरकार को प्राप्त हुआ। वहीं अब तक इस मंदिर के 7वें दरवाजे को खोला नहीं गया है। कहा जाता है कि ये दरवाजा शापित है और इसे एक खास मंत्र के द्वारा ही खोला जा सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
सातवें दरवाजे जिसको बोल्ट बी के नाम से भी जाना जाता है। उस पर एक सांप के आकार का चित्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार अगर सातवें दरवाजे को खोला गया तो कई तरह की अशुभ घटनाएं होंगी। कहा जाता है कि एक बार किसी व्यक्ति ने इस दरवाजे को खोलने का प्रयास किया, लेकिन उसी समय उसको जहरीले सांप ने काट लिया था। कई लोगों की मान्यता है कि खजाने की रक्षा सांप करते हैं। इस दरवाजे पर किसी भी प्रकार का ताला नहीं लगा हुआ है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Istock
मान्यताओं की मानें तो पद्मनाभस्वामी मंदिर के सातवें दरवाजे को गरुण मंत्र के उच्चारण करने के बाद ही खोला जा सकता है। यदि मंत्र पढ़ते वक्त पुजारी से कुछ गलती होती है, तो उसी समय उसकी मृत्यु हो जाएगी। इस दरवाजे को कोई सिद्ध पुरुष ही मंत्रोच्चार करके खोल सकता है। हालांकि इस बात का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है कि मंदिर के सातवें दरवाजे के भीतर कितना खजाना छिपा हुआ है। इस वजह से पद्मनाभस्वामी मंदिर का सातवां दरवाजा आज भी रहस्य का विषय बना हुआ है। अब तक इसके राज से पर्दा नहीं उठ पाया है।
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