{"_id":"5cc6e89fbdec22077f3ac487","slug":"the-world-s-most-expensive-mistakes-done-by-humans","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दुनिया के इन इंसानों की थी एक गलती, आज भुगत रहे अरबों का नुकसान","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
दुनिया के इन इंसानों की थी एक गलती, आज भुगत रहे अरबों का नुकसान
Mon, 29 Apr 2019 06:48 PM IST
Ayush Jha
फीचर टीम, अमर उजाला
फीचर टीम, अमर उजाला
Published by: Ayush Jha
Updated Mon, 29 Apr 2019 06:48 PM IST
विज्ञापन
गलतियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंसानों को गलतियों का पुतला कहा जाता है, लेकिन इंसानों ने कुछ ऐसी गलतियां की, जो आगे चलकर उनके और समाज के लिए एक अभिशाप बन गई। उनकी इस गलतियों कीमत आज हजारों-करोड़ों की बन गई है। ऐसे ही कुछ गलतियों के बारे में आज हम बात करेंगे जो कि एक छोटी सी गलती थी लेकिन भारी भरकम आर्थिक नुकसान देकर गयीं...
रूस के राजा अलेक्जेंडर द्वितीय ने 1868 अलास्का को बर्फ से भरी जगह समझकर अमेरिका को मात्र पचास करोड़ में बेच दिया था। अलास्का खरीदने के बाद अमेरिका ने वहां खोज की और वहां फिर उन्हें हजारों करोड़ों के सोना-चांदी और ऐसे महंगे खनिज पदार्थ मिले जिसने अलास्का की कीमत को कई गुना बढ़ा दिया। आज अलास्का की कीमत कई लाख करोड़ रुपये है।
लंदन की वॉकी टॉकी
लंदन में स्थित वोकी टोकी बिल्डिंग के निर्माण समय सिविल इंजिनियर के द्वारा एक बड़ी गलती हो गई। उनकी इसी गलती के कारण सूर्य की रोशनी इतनी तेजी से वहां जमीन पर पड़ती है कि कुछ ही देर में वहां खड़ी कार पिघलने लग जाती है। इसी बात से अनजान एक व्यक्ति ने वॉकी-टॉकी बिल्डिंग के सामने अपनी जगुआर कार खड़ी कर दी थी। कुछ ही समय बाद उसके पार्ट्स पिघलने लगे। इस बिल्डिंग के पास तेज सूर्य रोशनी के कारण और भी अन्य घटनाएं होने लग जाती है, जैसे कि बेहद गर्मी, अंधापन इत्यादि। यह गलती निर्माण करते समय कर्व बन गई, जिस कारण इस बिल्डिंग का नाम वॉकी-टॉकी पड़ा। सिविल इंजीनियर की यह गलती आज एक अभिशाप के रूप में स्थापित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
google search
यदि आप इंटरनेट के पुराने उपयोगकर्ता हैं तो आप एक्साइट.कॉम से भलीभांति परिचित होंगे, क्योंकि जब याहू दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन था, उस समय यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सर्च इंजन था उस समय एक्साइट.कॉम के सीईओ जोर्ज बेल को गूगल को खरीदने के लिए एक ऑफर मिला था। उस समय गूगल की कीमत मात्र 48 करोड़ थी, लेकिन कंपनी के सीईओ ने इसे खरीदने से मना कर दिया। आज हम सभी इस बात से वाकिफ हैं कि गूगल की इनकम कितनी है। आज जब भी वह गूगल को देखते होंगे, उन्हें अपनी गलती का अहसास जरूर होता होगा। उनकी यह गलती आज दुनिया की महंगी गलतियों में शामिल है।
विज्ञापन
apple event
रोन वायन ने एप्पल कम्पनी की शेयर बेचने की गलती..
एप्पल कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स और स्टीव ओज्बिन के बाद तीसरे फाउंडर रोन वायन ने 1976 में अपने पास मौजूद एप्पल कंपनी के 10 फीसदी शेयर मात्र 800 डॉलर में बेच दिए थे। अगर हम उस समय भारतीय रुपयों के अनुसार इसे देखें तो इसका मूल्य केवल 5000 रुपये होते हैं। अगर वो शेयर आज रोन वायन के पास होते तो वह भी अपने पार्टनर की तरह करोड़पति होते। उनके शेयर बेचने की गलती उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गई।
एप्पल कंपनी के फाउंडर स्टीव जॉब्स और स्टीव ओज्बिन के बाद तीसरे फाउंडर रोन वायन ने 1976 में अपने पास मौजूद एप्पल कंपनी के 10 फीसदी शेयर मात्र 800 डॉलर में बेच दिए थे। अगर हम उस समय भारतीय रुपयों के अनुसार इसे देखें तो इसका मूल्य केवल 5000 रुपये होते हैं। अगर वो शेयर आज रोन वायन के पास होते तो वह भी अपने पार्टनर की तरह करोड़पति होते। उनके शेयर बेचने की गलती उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गई।