जहां सांस लेना भी मुश्किल होता है, दुनिया की उस आठवीं सबसे ऊंची चोटी को देश की बहादुर बेटी ने फतेह कर दिखाया। पर्वतारोही अनीता कुंडू ने माइनस 50 डिग्री तापमान में दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मनास्लु फतेह कर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। अनीता ने शुक्रवार अल सुबह 3:20 बजे नेपाल स्थित इस चोटी पर तिरंगा लहराया। अनीता ने छह सितंबर को मनास्लु पर चढ़ाई शुरू की थी। इस बीच कई बार बर्फीला तूफान उनकी राह में बाधा बना, लेकिन उनके कदम नहीं रुके।
इधर सो रहा था हिंदुस्तान, उधर किसान की बेटी ने -50 डिग्री में 8वीं सबसे ऊंची चोटी में फहराया तिरंगा
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इस तरह अनीता ने 50 दिनों के सफर को 22 दिन में ही पूरा करके कीर्तिमान रच दिया। हिसार के फरीदपुर गांव के किसान की बेटी अनीता कुंडू पिछले कई वर्षों से पर्वतारोहण के क्षेत्र में काम कर रही हैं। वह हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं। अनीता की मां राजपति ने बताया ने कि अनीता से गुरुवार शाम कुछ पल के लिए बात हुई तो उसने बताया कि वह ठीक है। उन्होंने कहा कि मुझे मेरी बेटी पर गर्व है। हर घर में ऐसी बेटियां पैदा होनी चाहिए। अनीता के सभी अभियानों का खर्च एसआईएस कंपनी की ओर से उठाया जा रहा है, जिसके मालिक राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा हैं।
8,163 मीटर ऊंची है मनास्लु
मनास्लु जिसे कुतंग भी कहते हैं, 8,163 मीटर (26,781 फुट) ऊंची है। यह मध्योत्तर नेपाल के गोरखा जिले में स्थित है। यह हिमालय के मनसिरी हिमाल नामक भाग का हिस्सा है। माउंट मनास्लु की चढ़ाई में नेपाल सरकार ने 196 लोगों को चढ़ाई का परमिट दिया था। इसमें से हिंदुस्तान से केवल अनीता कुंडू थीं। माउंट मनास्लु की चढ़ाई के दौरान के हर रोज पांच सात पर्वतारोही तबीयत बिगड़ने से वापस आ जाते थे।
परिजनों को दी सैटेलाइट के माध्यम से जानकारी
अनीता ने सैटेलाइट के माध्यम से परिजनों को अपने अभियान की सफलता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माइनस 50 डिग्री तापमान के कारण ठंड इतनी थी कि हड्डियों को गला दे। ऑक्सीजन की बेहद कमी थी। खाने को कुछ खास नहीं। जो कुछ साथ लेकर जाते हैं, उसी में काम चलाना होता है। कम ऑक्सीजन के कारण न नींद आती है और न ही भूख लगती है। बर्फ पर चलना होता है और हर कदम खतरे से भरा होता है। न तालियों की गड़गड़ाहट होती है और न ही जयकारों की आवाज, पर अपने अंदर के हौसले और हिम्मत की बदौलत चलती गई और चोटी पर देश की शान राष्ट्रीय ध्वज लहरा दिया।
अनीता ने अपनी सफलता की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से दी। अपने फेसबुक और ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि पूरा हिंदुस्तान सो रहा था, लेकिन एक किसान की बेटी ने माउंट मनास्लु को फतह कर दिया। सभी हिंदुस्तानियों की दुआएं आखिर जीत गईं। जैसे ही सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को पता चला कि अनीता ने सेवन समिट अभियान के तहत 5वीं ऊंची चोटी माउंट मनास्लु को फतह कर लिया है तो सोशल मीडिया के माध्यम से बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया और देर रात तक लोग सोशल मीडिया पर अनीता को बधाई देते नजर आए।