पठानकोट दौरे पर आए रैना ने अपनी बुआ, मामा और मौसी व चाचा के घर जाकर उनसे मुलाकात कर हालचाल जाना। रैना का 22 साल में पठानकोट का दूसरा दौरा है। विशेष बातचीत में रैना ने आईपीएल छोड़ने का कारण भी बताया है। बता दें कि कुछ दिन पहले पंजाब के पठानकोट में सुरेश रैना के बुआ के परिवार पर हमला हुआ था। इसमें रैना के फूफा और फुफेरे भाई की मौत हो गई थी।
तस्वीरें: वो बड़ा कारण जिसकी वजह से रैना ने छोड़ा आईपीएल, खुद किया खुलासा
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रैना ने आईपीएल छोड़ने के पीछे दो बड़े कारण बताए हैं। पहला यह कि पूरा विश्व कोरोना की चपेट में है। उनके 2 बच्चे हैं, जो काफी छोटे हैं। इसके अलावा घर में माता-पिता भी हैं। वह महामारी के इस दौर में उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकते थे। उन्होंने यह भी कहा उनकी बुआ के परिवार के साथ जो भी हुआ, उससे माता-पिता काफी परेशान हैं। रैना ने कहा कि भले ही उन्होंने आईपीएल नहीं खेला और धोनी के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास भी ले लिया है। लेकिन उनमें अभी बहुत क्रिकेट बाकी है और वह खेलते रहेंगे। लेकिन इस समय परिवार उनकी प्राथमिकता है।
कोरोना संकट में वह काफी एहतियात बरत रहे हैं। गुरुवार को पठानकोट पहुंचे सुरेश रैना अपने दो दिवसीय दौरे के बाद जम्मू के रास्ते श्रीनगर रवाना हो गए। रैना अगले दो दिन श्रीनगर में बिताएंगे। बता दें कि इससे पहले भी पांच साल पहले वह सूरजपुर आए थे। तब वह शादी पर न बुलाए जाने से नाराज मामा-मामी को मनाने पहुंचे थे। तब उनके साथ मां प्रवेश रैना और पिता त्रिलोक के अलावा पत्नी प्रियंका भी थी।
रैना का परिवार पहले पठानकोट के गांव जसवाली में रहता था। पिता के तबादले के बाद उनका परिवार गाजियाबाद शिफ्ट हो गया। रैना की प्राथमिक शिक्षा यहीं पर हुई है। मामा के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि रैना छुट्टियां बिताने सूरजपुर आते थे और यहां अपने से बड़ी उम्र के युवकों के साथ क्रिकेट खेलते थे। बुधवार रात रैना ने रिश्तेदारों के साथ पुरानी यादों को ताजा किया।
मामी के हाथ की बनी पनीर की सब्जी है पसंद
बुधवार शाम पहले वह पहले सुजानपुर स्थित घासमंडी में अपनी मौसी के यहां गए और रात को भाई दिनेश रैना और भाभी नेहा रैना के साथ अपने सूरजपुर निवासी मामा शशिपाल के घर पहुंचे। उन्होंने रात का खाना वहीं खाया। इस दौरान रैना ने पांव छूकर परिवार के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया और फिर मामी के हाथ की बनी पनीर की सब्जी खाई। परिवार के अनुसार रैना को मामी के हाथ की बनी पनीर की सब्जी बेहद पसंद है। इसके बाद रैना नेहरू नगर निवासी अपने मामा स्वर्ण सिंह के यहां भी गए।