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9 तस्वीरों में देखें, कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा भारत, खूबसूरत और विहंगम नजारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 10 Nov 2018 02:32 PM IST
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9 तस्वीरों में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक का पूरा भारत देखिए। इतने खूबसूरत और विहंगम नजारे हैं कि देखते ही रह जाएंगे आप।
डांस परफॉर्मेंस
चंडीगढ़ स्थित कलाग्राम में क्राफ्ट मेला शुरू हुआ, जिसमें कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के आर्टिस्टों का संगम तो है ही, साथ ही देश के कोने-कोने से आए आर्टिस्टों की अद्भुत कला भी। इस मेले का आयोजन चंडीगढ़ प्रशासन और नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर पटियाला द्वारा आयोजित किया जा रहा है। मेले का उद्घाटन प्रिंसिपल सेकेट्री होम अरुण कुमार ने किया। इस मौके पर एनजेडसीसी पटियाला के अध्यक्ष प्रोफेसर सौभाग्य वर्धन भी मौजूद रहे। इस मेले में अमर उजाला मीडिया पार्टनर है।
डांस परफॉर्मेंस
मेले का आगाज देश भर के आर्टिस्टों की परफारमेंस के साथ हुई। इसमें असम, उड़ीसा, हरियाणा, कश्मीर और मणिपुर के साथ अन्य राज्यों के आर्टिस्टों ने अपनी परफारमेंस दी। कलाग्राम के क्राफ्ट मेले में न सिर्फ कला बल्कि घरों में सजाने के लिए भी बेहतरीन आर्ट मिलेगी। इस मेले में ध्रुवा बैंड (संस्कृत) ने संस्कृत पर बनाई गई धुनों से सभी का दिल जीत लिया। प्रोफेसर सौभाग्य वर्धन ने कहा कि चंडीगढ़ में आयोजित किए जा रहे इस मेले का उद्देश्य देश के क्राफ्ट को सभी के समक्ष लाना है।
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सवा लाख की रामचरित मानस
रामचरित मानस वह भी एक लाख पच्चीस हजार रुपये की। आपको शायद ही यकीन हो पर क्राफ्ट मेले में आपको रामचरित मानस एक लाख पच्चीस हजार रुपये की मिलेगी। यह वास्तव में किताब की शक्ल में नहीं है बल्कि उड़ीसा के खास आर्टिस्टों की तैयार की गई रामचरित मानस है। इसको कई साड़ियों को चिपकाने के बाद उकेरा गया है। इसे दो कलाकारों ने तैयार किया है। इसके साथ ही यहां पटचित्र भी मिलेंगे। उड़ीसा से आए आर्टिस्ट देवी प्रसाद ने बताया कि पटचित्र को पाम के पत्ते पर कील से मैगनीफाइंग ग्लास की मदद से नक्काशी की जाती है जबकि साड़ी से तैयार की जाने वाली कला पर तीन से चार साड़ियों को एक-दूसरे के ऊपर चिपका कर पहले परतें तैयार की जाती हैं और उसके बाद उसमें कलाकृति बनाई जाती है।
रामचरित मानस वह भी एक लाख पच्चीस हजार रुपये की। आपको शायद ही यकीन हो पर क्राफ्ट मेले में आपको रामचरित मानस एक लाख पच्चीस हजार रुपये की मिलेगी। यह वास्तव में किताब की शक्ल में नहीं है बल्कि उड़ीसा के खास आर्टिस्टों की तैयार की गई रामचरित मानस है। इसको कई साड़ियों को चिपकाने के बाद उकेरा गया है। इसे दो कलाकारों ने तैयार किया है। इसके साथ ही यहां पटचित्र भी मिलेंगे। उड़ीसा से आए आर्टिस्ट देवी प्रसाद ने बताया कि पटचित्र को पाम के पत्ते पर कील से मैगनीफाइंग ग्लास की मदद से नक्काशी की जाती है जबकि साड़ी से तैयार की जाने वाली कला पर तीन से चार साड़ियों को एक-दूसरे के ऊपर चिपका कर पहले परतें तैयार की जाती हैं और उसके बाद उसमें कलाकृति बनाई जाती है।
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चिड़िया का घोंसला भी है क्राफ्ट मेले में
चंडीगढ़ के क्राफ्ट मेले में अबकी बार चंडीगढ़ के आर्टिस्ट मामचंद ने भी अपने टेराकोटा के प्रोडक्ट लगाए हैं। मामचंद ने बताया कि वह हल्लो माजरा में रहते हैं और सारा काम खुद ही करते हैं। इस बार वह गौतम बुद्ध की मूर्ति, स्टैंड और फ्लावर पाट भी लाए हैं। मामचंद ने बताया कि अबकी बार उन्होंने चिड़िया का घोंसला तैयार किया है। यह खास प्रकार का है, जिसे गार्डन या बालकोनी में लटकाया जा सकता है। इसकी कीमत सिर्फ सौ रुपये है।
चंडीगढ़ के क्राफ्ट मेले में अबकी बार चंडीगढ़ के आर्टिस्ट मामचंद ने भी अपने टेराकोटा के प्रोडक्ट लगाए हैं। मामचंद ने बताया कि वह हल्लो माजरा में रहते हैं और सारा काम खुद ही करते हैं। इस बार वह गौतम बुद्ध की मूर्ति, स्टैंड और फ्लावर पाट भी लाए हैं। मामचंद ने बताया कि अबकी बार उन्होंने चिड़िया का घोंसला तैयार किया है। यह खास प्रकार का है, जिसे गार्डन या बालकोनी में लटकाया जा सकता है। इसकी कीमत सिर्फ सौ रुपये है।