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खतरनाक हथियार...एयरफोर्स के गरुड़ कमांडो बेहद खूंखार, जानिए कैसे होते हैं तैयार
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Apr 2018 03:44 PM IST
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गरुड़ कमांडो
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खतरनाक हथियारों से लैस इंडियन एयरफोर्स के खूंखार गरुड़ कमांडो दुश्मन को खत्म करके ही सांस लेते हैं, जानिए कैसे तैयार किया जाता है इन्हें।
गरुड़ कमांडो
जम्मू और कश्मीर में आतंक के खिलाफ सेना का एक्शन अब और सख्त व मजबूत होगा। क्योंकि घाटी में सेना अब एयरफोर्स कमांडो के साथ अपने ज्वाइंट एक्शन को और तेज करेगी ताकि सेना को निशाना बनाने और घाटी में अशांति फैलाने का मंसूबा पाले आतंकियों को लगातार कड़ा सबक सिखाया जा सके। इसके लिए सेना अपनी माकूल तैयारियों में जुटी हुई है।
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सूत्रों के अनुसार, एयरफोर्स की स्पेशल गरुड़ कमांडो फोर्स के कई सदस्य इस समय घाटी में सेना के साथ आतंक विरोधी ऑपरेशन के संचालन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन कमांडों की ट्रेनिंग सेना की संपत्तियों जैसे सेना की महत्वपूर्ण यूनिटों एवं बेस कैंप, एयरबेस, एयरक्राफ्ट्स, एम्युनेशन होल्डिंग एरिया की सुरक्षा और एयरबार्न ऑपरेशंस, एयरफील्ड सीजर व काउंटर टेरिज्म पर केंद्रित है।
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इसलिए जरूरी है ज्वाइंट ऑपरेशन
केंद्र सरकार हर कीमत पर घाटी में शांति स्थापित करना और आतंक का खात्मा चाहती है। जिसके लिए घाटी में सेना, बीएसएफ व अन्य स्पेशल फोर्सेस को पहले से ही फ्री हैंड दिया जा चुका है। लेकिन उसके बावजूद आतंकी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। आतंकी न केवल बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि सीमा से सटे गांवों, जवानों, सैन्य यूनिटों, बेस कैंपों और सेना के अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं।
केंद्र सरकार हर कीमत पर घाटी में शांति स्थापित करना और आतंक का खात्मा चाहती है। जिसके लिए घाटी में सेना, बीएसएफ व अन्य स्पेशल फोर्सेस को पहले से ही फ्री हैंड दिया जा चुका है। लेकिन उसके बावजूद आतंकी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। आतंकी न केवल बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि सीमा से सटे गांवों, जवानों, सैन्य यूनिटों, बेस कैंपों और सेना के अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं।
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आए दिन आतंकी सैन्य यूनिटों व जवानों पर हमला बोल रहे हैं। 30 मार्च को तो शोपियां जिले में आतंकियों ने मुगल रोड पर स्थित सेना द्वारा बनाई गई सीजनल हट्स (मौसम के अनुरूप लगाए गए तंबुओं) में आग लगा दी। इरादा था तंबुओं में रह रहे जवानों को जिंदा जलाना, मगर आतंकी कामयाब नहीं हो पाए। इसी के मद्देनजर घाटी में आर्मी के जवानों संग एयरफोर्स के गरुड़ कमांडों फोर्स के ज्वाइंट ऑपरेशन को बढ़ाने की तैयारी चल रही है।