{"_id":"5ecbaaee8ebc3e90941e5550","slug":"indian-army-shaheed-sepoy-sourabh-kumar-funeral","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"शहीद को अंतिम विदाई, मां ने सेहरा-कलगी और बहन ने कलाई पर बांधी राखी, हाथ जोड़ बोली- गर्व है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहीद को अंतिम विदाई, मां ने सेहरा-कलगी और बहन ने कलाई पर बांधी राखी, हाथ जोड़ बोली- गर्व है
संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 May 2020 09:23 AM IST
विज्ञापन
1 of 5
शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
अभी शादी नहीं हुई थी, इसलिए मां ने माथे पर सेहरा और कलगी सजाकर 20 वर्षीय शहीद बेटे को अंतिम विदाई दी। शवयात्रा निकलने से पहले उसने बेटे को सेल्यूट करके कहा, शहादत पर गर्व करती हूं, शत शत नमन, देखिए तस्वीरें।
2 of 5
शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना की 7 डोगरा रेजीमेंट के 20 वर्षीय सिपाही सौरभ कुमार चंडी मंदिर पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान हादसे में शहीद हो गए। रविवार देर शाम को तिरंगे में लिपटी उनकी पार्थिव देह को चंडी मंदिर से मिलट्री अस्पताल पठानकोट लाई गई, जहां रात रखने के बाद सोमवार को पार्थिव शरीर पैतृक गांव पठानकोट जिले के गांव भटोआ ले जाई गई। वहां पूरे सैन्य सम्मान से शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
3 of 5
शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
तिरंगे में लिपटी शहीद सौरभ कुमार की पार्थिव शरीर जब गांव भटोआ पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। इकलौते बेटे का पार्थिव शरीर देखकर मां बदहवास हो गई। जैसे-तैसे खुद को संभाला और फिर शहीद बेटे के माथे पर सेहरा-कलगी सजाया। बहन डिंपल ने भी भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसे अंतिम विदाई दी तो यह दृश्य देखने वाले हर शख्स की आंख नम हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
शहीद सौरभ कुमार को उनके चाचा अर्जुन कुमार ने मुखाग्नि दी। शहीद सिपाही सौरभ कुमार के पिता अश्विनी कुमार ने बताया कि सौरभ 13 मई को चंडी मंदिर स्थित अपनी यूनिट के टॉवर पोस्ट पर ड्यूटी दे रहे थे कि अचानक उनका पांव फिसल गया और वह काफी ऊंचाई से नीचे गिरा। सिर पर गंभीर चोट लगने से वह कोमा में था और 10 दिन सैन्य अस्पताल में इलाज चला। 23 मई सौरभ में अंतिम सांस ली।
विज्ञापन
5 of 5
शहीद को अंतिम विदाई
- फोटो : अमर उजाला
21 सब एरिया कमांडर की ओर से एसएससी की 5371 बटालियन के नायब सूबेदार वाघ डीटी, शहीद की यूनिट 7 डोगरा के कमांडर कर्नल एस जचारिया की तरफ से नायब सूबेदार लछबीर सिंह, विधायक जोगिंदर पाल, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचि वकुंवर रविंदर विक्की ने सलामी दी। विधायक जोगिंदर पाल ने कहा कि शहादत का मोल कोई सरकार नहीं चुका सकती। शहीद के नाम पर गांव में यादगिरी गेट का निर्माण कराया जाएगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।