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किसान यूनियन का झंडा उठा बच्चे बोले- 'मोदी का कानून पापा की खेती बरबाद कर देगा'

Mon, 14 Dec 2020 04:33 PM IST
निवेदिता शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता शर्मा Updated Mon, 14 Dec 2020 04:33 PM IST
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Kisan Andolan : Women-children active in protest
हरियाणा में चल रहे किसान आंदोलन में बच्चे भी योगदान दे रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले हुई बूंदाबांदी से ठंड बढ़ गई है, लेकिन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान छह डिग्री न्यूनतम तापमान में भी खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं। इनमें कई किसान बुजुर्ग हैं तो महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। धरने पर डटे इन आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें ठंड नहीं लगती, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे यहां से नहीं जाएंगे। वहीं इन आंदोलनकारियों को सर्दी से बचाने के लिए लगातार प्रयास भी हो रहे हैं। किसानों के लिए अलाव से लेकर खाने-पीने की गर्म चीजों का प्रबंध किया जा रहा है।  
Kisan Andolan : Women-children active in protest
किसान यूनियन का झंडा लेकर पहुंची शगुनदीप गिल। - फोटो : अमर उजाला
पापा इतनी मेहनत करते हैं, सही दाम न मिले तो क्या फायदा  
दिल्ली की सीमा पर बहादुरगढ़ में चल रहे किसान आंदोलन में किसानों के बच्चे भी हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। पंजाब के बठिंडा जिले के गांव गिल कलां की निवासी छठी कक्षा की शगुनदीप गिल अपने पिता के साथ बहादुरगढ़ स्टेशन पर ट्रेन से किसान यूनियन का झंडा कंधे से लगाकर उतरी। उसने कहा कि मोदी के कानून मेरे पिता की खेती को उजाड़ देंगे। उसके मां-बाप सुबह से शाम तक खेत में मेहनत करते हैं। फिर भी फसल के सही दाम न मिलें तो कैसे घर चलेगा। संगरूर (पंजाब) से 9वीं कक्षा के छात्र हरमनदीप सिंह ऑनलाइन क्लास लगा रहे हैं। अपने साथ किताबें भी लाए हैं। वे रोजाना दो-तीन घंटे पढ़ते हैं और बाकी समय प्रदर्शन करते हैं। 
Kisan Andolan : Women-children active in protest
अपने पिता के साथ आंदोलन में पहुंचे नवनीत कौर, सिमरनप्रीत कौर और राजप्रीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के मोगा जिले के गांव चन्नूवाला से 14 वर्षीय नवनीत कौर, 12 वर्षीय सिमरनप्रीत कौर और नौ वर्षीय राजप्रीत सिंह अपने पिता कुलविंदर सिंह के साथ टीकरी बॉर्डर पहुंचे हैं। मोगा के ही गांव बिलासपुर निवासी 7वीं कक्षा के एक छात्र जसकरन सिंह (13) ने कहा कि जब तक तीन कानूनों को रद्द नहीं किया जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा सरकार तारीख देकर किसानों के धैर्य की परीक्षा ले रही है, लेकिन हम नहीं झुकेंगे।
 
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Kisan Andolan : Women-children active in protest
किसान आंदोलन के लिए पोस्टर बनातीं लड़कियां। - फोटो : अमर उजाला
आंदोलन स्थल पर एक लंगर में किसानों की मदद कर रहे सिरसा जिले के गांव साहुवाला से आए 9वीं कक्षा के छात्र 13 साल के हर्षदीप ने कहा कि हम यहां पर अपने हक लेने आए हैं। मोदी ने जो कृषि कानून बनाए है, हम उसे रद्द करवाकर यहां से जाएंगे। मैं और मेरे चाचा पांच तीन दिन से यहा हैं और पंजाब के किसानों का पूरे दिल से समर्थन कर रहे हैं। वहीं कुछ लड़कियां किसान आंदोलन के लिए पोस्टर बनाने की सेवा में जुटी हैं। 
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Kisan Andolan : Women-children active in protest
बाइक पर दिल्ली जातीं अधिवक्ता कुलवंत कौर संधू। - फोटो : अमर उजाला
किसान आंदोलन के समर्थन में जीरकपुर से दिल्ली बाइक पर निकली महिला अधिवक्ता
दिल्ली के बार्डर पर जमे किसानों को समर्थन देने के लिए महिला अधिवक्ता बाइक से जीरकपुर से दिल्ली गई हैं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की अधिवक्ता कुलवंत कौर संधू ने कहा कि सिंघु बार्डर पर ठंड में पुरुषों के साथ महिलाएं भी आंदोलन में बैठी हैं। यही कारण है कि उन्होंने दिल्ली बाइक से जाने का निर्णय लिया ताकि आंदोलनकारी किसानों की कठिनाइयों को अनुभव किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को सीधे किसानों की बात सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
 
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