दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 40 सिंहों की याद को समर्पित मेला माघी मंगलवार (14 जनवरी) को रवायती तौर पर शुरू हो गया। सुबह घने कोहरे और कभी धूप तो कभी छांव की आंख मिचौली में मेला माघी में संगत का आना लगा रहा। सुबह मौसम के बेहद ठंडा होने और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई। मंगलवार को दूर-दराज के गांवों से आए ज्यादातर श्रद्धालु सुबह ही नंगे पांव चलकर घने कोहरे के बीच गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब पहुंचे और पवित्र सरोवर में स्नान कर पुण्य-लाभ कमाया।
कड़ाके की ठंड में श्री मुक्तसर साहिब में उमड़ा आस्था का सैलाब, देखें- मेला माघी की खूबसूरत तस्वीरें
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करीब 10 बजे तक घने कोहरे में संगत 40 शहीदों को नमन करने पहुंची तो बारह बजे तक धूप व छांव की आंख-मिचौली चलती रही। बारह बजे के बाद ज्यों ही धूप खिली तो संगतों की भीड़ इस कदर बढ़ गई कि गुरुद्वारा साहिब परिसर व मलोट रोड के आस-पास पैदल चलना तक दूभर होने लग गया। बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश वर्जित था। श्रद्धालु लोहड़ी की रात से ही गुरुद्वारा साहिब में स्नान के लिए आने लगे थे। श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पवित्र सरोवर में स्नान किया। उसके बाद गुरुद्वारा श्री तंबू साहिब में माथा टेका। इसके बाद श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री शहीद गंज साहिब भी पहुंचे। वहां श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। रागी ढाडी जत्थों ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
वहीं संगत के समक्ष गुरु यश का गायन कर सिख इतिहास से अवगत कराया। संगत गुरुद्वारा श्री टिब्बी साहिब व दातनसर साहिब भी पहुंची। गुरुद्वारा श्री टिब्बी साहिब के आसपास निहंग सिंहों ने डेरा डाला हुआ है। इससे वहां भी मेले जैसा माहौल बना हुआ है। बारिश का पानी न सूखने व अन्य नुकसान के चलते मनोरंजन मेला शुरू ही नहीं हो सका। मेले में कर्मचारी दोपहर तक पानी सुखाते और साफ-सफाई करते नजर आए। वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब मनोरंजन मेला शुरू न हो सका हो।
गुरुद्वारा साहिब में आज होंगे ये कार्यक्रम
15 जनवरी को गुरुद्वारा श्री तंबू साहिब में संगतों को अमृत संचार भी कराया जाएगा। गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में कीर्तन समागम चलता रहेगा। साथ ही शहर में भव्य नगर कीर्तन सजाया जाएगा। इसके साथ ही रवायती तौर पर मेला माघी संपन्न हो जाएगा लेकिन मलोट रोड पर मेला पूरा माह चलता रहेगा। 15 जनवरी को ही निहंग सिंहों की ओर से होला-मोहल्ला भी निकाला जाएगा। इसमें हाथी-घोड़ों पर सवार निहंग सिंह हथियारों से लैस होकर शौर्य का प्रदर्शन करेंगे।
तरह-तरह के पकवानों का संगत ने उठाया लुत्फ
संगत के स्वागत में शहरवासियों की ओर से विभिन्न प्रकार के अटूट लंगर चलते रहे। श्रद्धालु मक्की की रोटी सरसों का साग, खीर-पूड़े, दाल-रोटी, पूरी-छोले, चाय-बिस्कुट, ब्रेड-पकौड़े, जलेबी, हलवा, फ्रूट चाट, भुजिया-बदाना, शक्करपारे समेत विभिन्न लंगरों का आनंद लेते नजर आए। मेले के दौरान अभी कई दिन शहर में अटूट लंगर चलते रहेंगे। मेले में भीड़ के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन की ओर से सख्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस मुलाजिम ड्यूटी पर तैनात नजर आ रहे हैं।