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खरड़ हादसे में प्रशासन की 'लापरवाही', नहीं लिया सबक और लोगों पर पड़ी भारी, तस्वीरों में देखें मंजर
पंजाब के मोहाली जिले में शनिवार (08 फरवरी) को तीन मंजिला इमारत भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में एक लोग की मौत हो गई तो वहीं कई लोग अब भी फंसे हैं। राहत एवं बचाव कार्य अभी जारी है। वहीं हादसे के पीछे सबक न लेना भी बड़ी वजह है। प्रशासन की गलतियां लोगों पर भारी पड़ रही हैं। अगर इन गलतियां पर ध्यान दिया गया होता तो खरड़ के बड़े हादसे से बचा जा सकता था। पढ़ें पूरा मामला...
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मोहाली जिला प्रशासन के अधिकारी अपनी पुरानी गलतियों से सबक सीखने के बजाय शायद उन्हें दोहराने में यकीन रखते हैं। क्योंकि खरड़ में बिल्डिंग गिरने की कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले ऐसी घटनाएं जीरकपुर के पीरमुछल्ला में घट चुकी हैं। दूसरी ओर, निकाय विभाग के तत्कालीन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने उस दौरान मामला गंभीर बताया था और जांच टीम गठित कर तीन अधिकारियों को निलंबित किया था। लेकिन उसके बाद कभी जांच नहीं की गई।
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दरअसल प्रशासनिक अधिकारी ऐसी घटनाएं रोकने को कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं और न ही पंजाब सरकार। जब घटना हो जाती है तो 2-4 दिन शोर होता है और इसके बाद कुछ नहीं। ऐसी घटनाओं पर सरकार से मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, मृतक और घायलों के परिवारों को आर्थिक मदद के एलान अब आम बात हो गई है। शनिवार को खरड़ में तीन मंजिला बिल्डिंग गिरने की घटना सचमुच हैरान करने वाली है। बिल्डर नियमों को ताक पर रखकर गैरकानूनी रूप से बिल्डिंग बना रहे हैं।
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जिला मोहाली में पिछले ढाई साल में 6 निर्माणाधीन बिल्डिंगें गिर चुकी हैं। गौरतलब है कि जीरकपुर के पीरमुछल्ला में बीती 12 अप्रैल, 2018 को एक तीन मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग गिरकर जमींदोज हो गई थी। जिसकी जांच करीब पौने दो साल बाद भी अधूरी है। वहीं, मामले में जिन अधिकारियों को विभाग ने निलंबित किया था वो बहाल हो गए थे। अब गैरकानूनी निर्माण उसी तरह चल रहा है, जैसे पहले होता था।
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पिछले साल अक्टूबर में ही पीरमुछल्ला में ही एक अन्य कॉमर्शियल शोरूम की तीसरी मंजिल का लेंटर गिर गया था। पंजाब निकाय विभाग के पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू ने खुद जीरकपुर थाने में बिल्डर पुष्पिंदर के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। जिसका दो साल बाद भी कोई फैसला नहीं हुआ। बिल्डिंग गिरने के मामले में जिम्मेदार बिल्डर के खिलाफ दर्ज किए गए केस को लेकर जब एसएसपी मोहाली कुलदीप चहल से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मामले का स्टेट्स चेक करना पड़ेगा।
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