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देखिए देश में स्वर्ग से भी ज्यादा खूबसूरत एक जगह, पर ये कश्मीर नहीं है...
amarujala.com- presented by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 27 May 2017 09:15 AM IST
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श्री हेमकुंड साहिब
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क्या आप जानते हैं कि देश में कश्मीर से अलग एक और जगह ऐसी है, जो स्वर्ग से भी कहीं ज्यादा सुंदर और अद्भुत है। यकीं नहीं आता तो खुद देख लीजिए।
श्री हेमकुंड साहिब
हम बात कर रहे हैं, सिखों की अटूट आस्था के प्रतीक श्री हेमकुंड साहिब की। उत्तराखंड के चमौली में स्थित श्री हेमकुंडसाहिब के कपाट वीरवार सुबह करीब 6 माह बाद खोल दिए गए। बुधवार सुबह करीब 10 बजे गोविंद घाट गुरुद्वारे में अरदास शब्द कीर्तन के बाद पहला जत्था रवाना किया गया था। यहां पंजाब समेत कई राज्यों से हजारों की संख्या में संगत पहुंच चुकी है।
श्री हेमकुंड साहिब
15200 फीट की ऊंचाई पर बने श्री हेमकुंडसाहिब गुरुद्वारा 6 महीने तक बर्फ से ढका रहता है। इसके कपाट अब सर्दियां आने तक खुले रहेंगे। यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए बॉयोमीट्रिक रजिस्ट्रेशन जरूरी किया गया है। इसके बिना किसी को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। श्री हेमकुंडसाहिब अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है और यह देश के सबसे महत्वपूर्ण गुरुद्वारों में से एक है।
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श्री हेमकुंड साहिब
गुरूद्वारे के पास ही एक सरोवर है। इस पवित्र जगह को अमृत सरोवर अर्थात अमृत का तालाब कहा जाता है। यह सरोवर लगभग 400 गज लंबा और 200 गज चौड़ा है। यह चारों तरफ से हिमालय की सात चोटियों से घिरा हुआ है। इन चोटियों का रंग वायुमंडलीय स्थितियों के अनुसार अपने आप बदल जाता है। कुछ समय वे बर्फ सी सफेद, कुछ समय सुनहरे रंग की, कभी लाल रंग की और कभी-कभी भूरे नीले रंग की दिखती हैं।
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श्री हेमकुंड साहिब
इस पवित्र स्थल को रामायण के समय से मौजूद माना गया है। कहा जाता है कि लोकपाल वही जगह है जहां श्री लक्ष्मण जी अपना मनभावन स्थान होने के कारण ध्यान पर बैठ गए थे। कहा जाता है कि अपने पहले के अवतार में गोबिंद सिंह जी ध्यान के लिए यहां आए थे। गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपनी आत्मकथा बिचित्र नाटक में इस जगह के बारे में अपने अनुभवों का उल्लेख किया है।