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इंश्योरेंस पॉलिसी रिन्यू करवाने की सोच रहे हैं तो ध्यान दें, वरना फिर मत कहना बताया नहीं
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इंश्योरेंस पॉलिसी नवीनीकरण कराने के नाम पर शहर की एक प्रतिष्ठित स्त्री रोग विशेषज्ञ से दो लाख छह हजार रुपये ठग लिए गए। उच्च शिक्षित होने के बावजूद महिला चिकित्सक झांसे में आकर खुद ही यह रकम ठगों के खातों में जमा करती रहीं। ठगी का अहसास होने पर महिला चिकित्सक ने पुलिस से शिकायत की है। थाना डालनवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीएमआई अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमिता प्रभाकर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी कराई थी। बीती मई में उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया। उस व्यक्ति ने कहा कि उनकी पॉलिसी का नवीनीकरण होना है। व्यक्ति ने डॉक्टर सुमिता को उपासना शेट्टी नाम की युवती का फोन नंबर भी दिया।
डॉक्टर ने जब उपासना से बात की तो उसने नवीनीकरण फार्म भेजा और 99 हजार रुपये एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के नाम हरिद्वार के पते पर भेजने को कहा। इस पर उन्होंने 99 हजार रुपये का चेक और फार्म हरिद्वार के पते पर भेज दिया।
इसके बाद अगस्त में उपासना का फोन फिर डॉक्टर सुमिता के पास आया। उसने बताया कि उनकी पॉलिसी की धनराशि 4.87 लाख रुपये का भुगतान होना है, लेकिन इसके लिए 22 फीसदी पीएफटी शुल्क का भुगतान करना होगा। डॉक्टर सुमिता ने उपासना पर विश्वास करते हुए 22 फीसदी के हिसाब से 1.07 लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद उपासना ने जीएसटी के नाम पर डॉक्टर से डेढ़ लाख रुपये की मांग की।