श्रीनगर। बिड़ला परिसर छात्रसंघ चुनाव पुनर्मतगणना के विरोध में शुक्रवार को छात्र गुटों ने जमकर बवाल काटा। पुनर्मतगणना के विरोध में बिड़ला परिसर छात्र संघ अध्यक्ष संदीप राणा सहित अभाविप के चार कार्यकर्ता सीनेट भवन की छत पर पेट्रोल की बोतल लेकर चढ़ गए। जबकि पुनर्मतगणना न कराए जाने पर आक्रोशित जय हो कार्यकर्ता मुख्य चुनाव अधिकारी सहित अन्य शिक्षकों के लिए अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। बाद में दोनों छात्र गुटों में जमकर लात घूसें चलें। छात्रों के इस रवैये के चलते पुनर्मतगणना नहीं हो पायी।
उत्तराखंड: पेट्रोल की बोतल लेकर कॉलेज की छत पर चढ़ गए कई छात्र, प्रशासन के हाथ-पैर फूले
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कुलपति के आदेशानुसार शुक्रवार को सुबह नौ बजे से बिड़ला परिसर छात्रसंघ के सभी पदों पर पुनर्मतगणना की जानी थी, जिसके लिए विवि प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल भी बिड़ला परिसर में तैनात कराया था। पुनर्मतगणना के लिए विवि प्रशासन की ओर से 70 से अधिक शिक्षकों व कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी, लेकिन पुनर्मतगणना शुरू होने से पहले ही सुबह 8 बजे बिड़ला परिसर छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप राणा सहित पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनीत पोस्ती, नितिन झिंक्वाण व करण बिष्ट सीनेट भवन की छत पर पेट्रोल की बोतल लेकर चढ़ गए।
छात्रों के इस कदम की सूचना से विवि प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस दौरान अभाविप के छात्रों ने सीनेट भवन के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यहां छात्रों के आक्रोश को देखते हुए विवि प्रशासन पुनर्मतगणना शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। काफी समय बीत जाने के बाद जब पुनर्मतगणना शुरू नहीं हुई तो जय हो छात्र संगठन ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद छात्र गुटों में जमकर लात घूसें चले। कई छात्र चोटिल भी हुए। हालांकि बाद में कुछ वरिष्ठ छात्रों ने मामले को संभाल दिया। इसके बाद चुनाव समिति सहित अन्य सभी शिक्षकों ने पुनर्मतगणना कराने से हाथ खड़े कर दिए, इसके बाद छात्र शाम 5.30 बजे छत से नीचे उतरे।
हमने कुलपति को लिखा है कि वर्तमान परिस्थितियों में पुनर्मतगणना कराना संभव नही है।
- प्रो. एन सिंह, मुख्य चुनाव अधिकारी, गढ़वाल विवि
विवि प्रशासन कुछ लोगों के दबाव में पुनर्मतगणना नहीं कर रहा है। शनिवार को इस मामले पर कुलपति से निर्णय लिया जाएगा। यदि निर्णय नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- आयुष मिंया, छात्रनेता जय हो छात्र संगठन
हम पुनर्मतगणना का विरोध नहीं कर रहे है। हमारी मांग है, कि सभी मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही पुनर्मतगणना कराई जाए। हमें बैलेट बक्सों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों में कहीं भी पुनर्मतगणना का प्रावधान नहीं है।
- सुधीर जोशी, प्रदेश मंत्री, एबीवीपी
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एन सिंह पुलिस सुरक्षा में अपने घर गए। छात्रों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने मुख्य चुनाव अधिकारी को एसीएल हॉल के पिछले दरवाजे से निकाला। जैसे ही पुलिस चुनाव अधिकारी को अपने वाहन से ले जा रही थी। छात्र वाहन के सामने आ गए। हालांकि पुलिस ने किसी तरह छात्रों को यहां से हटाया। अभाविप व जय हो दोनों छात्र एक गुट एक दूसरे के खिलाफ शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे। यहां जय हो छात्र संगठन के एक छात्र ने अभाविप के 10 कार्यकर्ताओं के खिलाफ जान से मारने के प्रयास के आरोप में लिखित शिकायत दी। वहीं अभाविप के एक कार्यकर्ता ने जय हो छात्र संगठन के चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत शिकायत दी है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पूरे घटनाक्रम से शिक्षक काफी क्षुब्ध दिखे। छात्रों द्वारा मुख्य चुनाव अधिकारी, मुख्य नियंता सहित अन्य शिक्षकों के लिए अपशब्दों के प्रयोग से सभी शिक्षक आहत थे। शिक्षकों ने इस संबंध में जल्द एसोशिएशन की बैठक बुला कर विरोध जताने का निर्णय लिया है। साथ ही शिक्षकों ने अगले वर्ष से छात्र संघ चुनाव कराने में असमर्थता जताने की बात कही है।