अच्छे प्रदर्शन के बल पर भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले रिषभ पंत को ने हाल में रणजी क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज शतक जमाने का कारनामा अंजाम दिया।
पैसे नहीं थे तो गुरुद्वारे में लंगर खाकर प्रैक्टिस करता था T20 का ये यंग 'ब्लड'
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इस युवा बल्लेबाज ने अंडर-19 विश्व कप के दौरान सुर्खियां बटोरी। इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में पंत को जगह मिली तो 2016 में उन्होंने अपना पहला रणजी सीजन खेला। 2017 पंत के लिए अच्छे दिन लेकर आया और वह भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे।
मगर अपने अच्छे दिनों से पहले पंत ने काफी बुरे दिन भी देखें हैं। एक दौर था जब पंत को गुरूद्वारे में रात गुजारनी पड़ती थी और वहीं लंगर का खाना खाकर वह क्रिकेट की प्रेक्टिस करने जाया करते थे। भारतीय टीम तक पहुंचने तक के सफर से पहले पंत ने बहुत कुछ सहा और कड़ी मेहनत की। इसके बाद जाकर वह आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
दिल्ली के मशहूर क्रिकेट क्लब सोनेट में ही पंत ने क्रिकेट की बारिकियां सीखी। कई इंटरनेशनल खिलाड़ी देने वाले इस क्लब के कोच तारक सिन्हा बताते हैं कि हम एक टैलेंट हंट कराते थे जिसके बारे में पंत ने सुना था।
वह रूड़की से दिल्ली सिर्फ इस टैलेंट हंट में भाग लेने चला आया। दिल्ली शहर में उसकी जान पहचान का कोई नहीं था। इसलिए वह मोतीबाग गुरूद्वारे में रूकता था वहीं लंगर खाकर प्रेक्टिस के लिए आता जाता था।