सालों पहले एक झील के अंदर पूरा सम्राज्य एकाएक दफन हो गया। उस साम्राज्य में जो कुछ भी था वह हर किसी के सिर्फ यादों में ही रह गया था। लेकिन अब अचानक इस साम्राज्य के कुछ अंश दिखाई देने लगे हैं।
दिखने लगा सालों से झील के अंदर दफन यह साम्राज्य, तस्वीरों में देखिए अद्भुत नजारा
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जी हां, हम बात कर रहे हैं टिहरी झील की। इतिहास के पन्नों में दफन यह नगरी लोगों को अब अपनी ओर आकर्षित कर रही है। पुरानी टिहरी स्थित राजा का नया दरबार, रानी महल सहित अन्य इमारतें झील में डूबने से भले ही इतिहास बन चुकी हो, पर इन दिनों जल स्तर कम होने से इमारतों के अवशेष दिख रहे हैं।
(फाइल फोटो)
टिहरी बांध की झील का जलस्तर आरएल 841 के करीब पहुंच गया है। जिससे पुरानी टिहरी की यादें ताजा हो रही हैं। स्थानीय लोग और पर्यटक इन अवशेषों को देखने के लिए उमड़ रहे हैं।
(फाइल फोटो)
टिहरी रिसायत के राजा रहे कीर्तिशाह ने करीब 1890 के दशक में राजपाठ चलाने के लिए पुरानी टिहरी में रानीबाग के समीप कौशल दरबार (नया दरबार) और रानी महल का बनाया था। पारंपरिक शिल्प, उड़द की दाल से पत्थरों को जोड़कर दस वर्षों में यह दोनों एतिहासिक इमारतें तैयार हो पाई थी।
(फाइल फोटो)
कौशल दरबार में राजा की कोर्ट लगती थी और विभिन्न राजकाज निपटाए जाते थे, जबकि इसी के समीप बने रानी महल में राजा की रानी रहती थी। इस महल के नीचे भूमिगत तहखाने भी बने थे, जिसमें से एक में राजा के युद्ध में इस्तेमाल होने वाले हथियार रहते थे।
(फाइल फोटो)