गंगोत्री हाईवे पर सोमवार को हुए वाहन हादसे में 14 यात्रियों ने अपनी जिंदगी गंवा दी। इस दौरान मौके से गुजर रहे माउंटेनियरिंग एंड ट्रैकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने भंकोली के ग्रामीणों की मदद से तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। इन लोगों ने पुलिस के पहुंचने से पहले ही घायल लड़कियों को सड़क तक पहुंचाकर अस्पताल भिजवाया।
रस्सी-डंडों के सहारे खाई से हुआ शवों का रेस्क्यू, हालत देख बिलख-बिलख कर रोए परिजन, तस्वीरें...
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हादसे के करीब बीस मिनट बाद पुलिस टीम मौके पर तो पहुंची, लेकिन उनके पास रेस्क्यू के कोई संसाधन नहीं थे। बाद में एसडीआरएफ की टीम पहुंचने पर ही रेस्क्यू कर शवों को निकाला जा सका।रस्सी और डंडो के सहारे रेस्क्यू किया गया। जिला अस्पताल पहुंच रहे मृतकों के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। इस हादसे में भंकोली गांव के ही 12 लोगों की मौत हुई है। इनमें से पांच तो एक ही परिवार के हैं, जबकि एक दूसरे परिवार के दो बेटों को इस हादसे में काल के क्रूर हाथों ने छीन लिया है।
गंगोत्री हाईवे पर संगलाई गांव के पास हुए वाहन हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई दो बालिकाओं को देहरादून रेफर करते समय एंबुलेंस की कमी सामने आई। असी गंगा घाटी के सामाजिक कार्यकर्ता बिजेंद्र पंवार का कहना है कि जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर एवं आईसीयू वार्ड नहीं होने के कारण हादसों के दौरान खासी दिक्कतें आती हैं। यहां तक कि जिला अस्पताल में पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस भी नहीं हैं। सोमवार को गंगोत्री हाईवे पर हुए वाहन हादसे में घायल लड़कियों को जिला अस्पताल से देहरादून रेफर करते समय करीब दो घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाई। बाद में स्वयंसेवी संस्था श्रीभुवनेश्वरी महिला आश्रम की एंबुलेंस की सहायता लेनी पड़ी। उन्होंने सरकार से सीमांत जनपद के जिला अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को चाक चौबंद करने की मांग की।
गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने इस हादसे पर गहरा दुख प्रकट किया है। हादसे की सूचना मिलते ही देहरादून से लौट रहे विधायक ने कहा कि हादसे के कारणों की पड़ताल कर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवारों को आपदा के मानकों के तहत मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए। इधर, गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने भी हादसे पर शोक प्रकट कर पीड़ित परिवारों से शोक संवेदना जताई।
चार जून 2017 को भी गंगोत्री हाईवे पर इसी तरह का हादसा हुआ था। तब भटवाड़ी प्रखंड के अठाली गांव के ग्रामीण देवता की डोली यात्रा के साथ गंगोत्री धाम से लौट रहे थे। उस दौरान यात्रा में शामिल एक टैक्सी वाहन सुनगर के पास अनियंत्रित होकर नीचे उफनती गंगा भागीरथी में समा गया था। इस हादसे में वाहन में सवार सभी 12 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। कुछ समय बाद इनमें से तीन लोगों के शव ही बरामद हो पाए थे, जबकि शेष मृतकों का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया।