मंगोलपुरी में उधार देने से मना करने पर एक व्यक्ति ने दोस्तों के साथ मिलकर हिंदू महिला को अगवा कर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने शव नांगलोई स्थित कब्रिस्तान में दफना दिया। हत्या को लेकर किसी को उस पर शक न हो इसके लिए उसने एक तरकीब खोज निकाली। हालांकि आरोपी कितनी भी कोशिश कर ले उसका सच सामने आ ही जाता है। जानिए आखिर आरोपी 10 दिन तक कैसे बचता रहा...
हिंदू महिला को कब्रिस्तान में दफनाया: किसी को शक न हो इसलिए हत्यारोपी करता रहा ये काम, ऐसे रची हत्या की साजिश
मुख्य आरोपी परिवार के साथ महिला की तलाश कर रहा था
महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी मोबिन उसके परिवार के साथ महिला की तलाश में जुटा था। चार-पांच साल से परिचित होने की वजह से वह महिला का पारिवारिक मित्र बन गया था। वह उसके पति और बच्चों के साथ महिला की गुमशुदगी की शिकायत करने थाने भी गया था, ताकि वह पुलिस के शक के दायरे में नहीं आए। पुलिस ने जब फोन कॉल डिटेल के आधार पर मोबिन से पूछताछ की, तब भी उसने बताया कि वह महिला से अक्सर बातचीत करता था।
तकनीकी जांच कर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचकर मृतका के परिचित मोबिन समेत रेहान और नवीन को गिरफ्तार कर लिया। इनके खुलासा के बाद पुलिस ने बुधवार को शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में कब्रिस्तान के केयर टेकर सैय्यद अली को भी गिरफ्तार कर लिया है। सैय्यद अली ने पांच हजार रुपये शव दफनाने की इजाजत दी थी।
शुरुआती जांच में पता चला कि मृत महिला इलाके में रेहड़ी पटरी वालों को प्रतिदिन के अनुसार 10 से 20 हजार रुपये का छोटा मोटा उधार देती थी। उसने मुख्य आरोपी मोबिन को 20 हजार उधार दिए थे। आरोपी का एक सहयोगी भी महिला से और उधार मांग रहा था, लेकिन महिला उनसे पहले के उधार को चुकता करने के लिए कह रही थी। इससे मुख्य आरोपी नाराज था और उसने महिला की हत्या की साजिश रच डाली। हत्या से पहले आरोपियों ने दुष्कर्म किया है या नहीं, इस बाबत पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हो पाएगा।
54 साल की महिला अपने पति, दो बेटों और दो बेटियों के साथ मंगोलपुरी के अवंतिका एंक्लेव में रहती थी। 2 जनवरी को वह किसी काम से गई थी। काफी देर होने पर परिवार ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन फोन बंद था। परिचितों और रिश्तेदारों के यहां तलाश करने पर महिला का सुराग नहीं मिलने पर रात में पति ने मंगोलपुरी थाने में गुमशुदगी की शिकायत की। पुलिस ने छानबीन शुरू की। इस दौरान परिवार वालों से पता चला कि महिला रेहड़ी पटरी वालों को उधार देती थी। उसके कई लेनदार थे। उसके बाद पुलिस ने सात जनवरी को अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। सीसीटीवी कैमरों से महिला का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि दो कॉल करने वालों की एक ही लोकेशन है। दोनों फोन ऑटो चालक मोबिन और उसके दोस्त नवीन के थे। पुलिस ने मोबिन से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।