ऑटो और टैक्सी के किराये में संशोधन के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट परिवहन मंत्री को सौंप दी है। परिवहन विभाग अब एक प्रस्ताव तैयार कर इसे कैबिनेट में मंजूरी के लिए पेश करेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। अगर सरकार इसे मंजूरी दे देती है तो इससे यात्रियों की जेब पर ऑटो के किराये में 15-20 फीसदी और टैक्सी के मद में 40 फीसदी तक का बोझ बढ़ जाएगा। उधर, ऑटो व टैक्सी यूनियनों के सदस्यों ने सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर विरोध जताते हुए सरकार से वैट की दरें घटाने की मांग की है। संचालकों का कहना है कि किराया बढ़ाने से यात्रियों की जेब पर किराये का बोझ बढ़ेगा। इससे सवारियां दूसरे माध्यमों पर शिफ्ट हो सकती हैं। इसका असर ऑटो व टैक्सी चालकों की कमाई पर पड़ेगा।
दिल्ली वालों को महंगाई का झटका: जल्द बढ़ाया जा सकता है ऑटो-टैक्सी का किराया, परिवहन मंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट
फिलहाल सभी की नजरें कैबिनेट की तरफ हैं। यूनियनों ने सीएनजी की कीमत में पिछले महीनों के दौरान लगातार हुई बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर सरकार से सीएनजी पर वैट की दरें कम करने की मांग की थी। उनका कहना है किराया बढ़ने से ऑटो, टैक्सी में यात्रियों की संख्या कम होने से उनका नुकसान बढ़ जाएगा।
इससे पहले सीएनजी की कीमतें बढ़ने के बाद 18 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने किराया संशोधन के लिए कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद अपनी रिपोर्ट परिवहन मंत्री को सौंप दी है। इसे कैबिनेट में पास होने के बाद लागू कर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल ऑटो के लिए शुरुआती किराया 25 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये करने सहित प्रति किलोमीटर किराये को भी 9.50 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये करने की सिफारिश की है। इसी तरह काली-पीली टैक्सी के लिए शुरुआती किराया 25 से बढ़ाकर 40 रुपये किया जा सकता है। प्रति किलोमीटर किराये को भी 14 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये करने का प्रस्ताव है। निजी कैब कंपनियों का किराया टैक्सी से कम है, इसलिए निजी टैक्सी चालकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। इसे जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा।
सीएनजी पर वैट कम करने की मांग
पिछले महीनों के दौरान सीएनजी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद चालकों ने 18 अप्रैल को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने किराये में बढ़ोतरी के बजाय सीएनजी पर वैट की कीमतें घटाने की मांग की थी। ऑटो चालक यूनियन संघ के राजेंद्र सोनी का कहना है कि किराये में बढ़ोतरी करने के बजाय सरकार को वैट की दरें कम करने संबंधी फैसला लेने की मांग की गई है। किराया बढ़ने से यात्रियों की जेब पर खर्च का बोझ बढ़ेगा और कई यात्री दूसरे परिवहन साधनों को अपनाएंगे। इसका असर उनके काम धंधे पर पड़ेगा।
ऑटो किराये में 20 फीसदी की हो सकती है बढ़ोतरी
सर्वोदय ड्राइवर्स एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष कमलजीत गिल ने कहा है कि टैक्सी किराये में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर ही नुकसान से बच सकते हैं। एसोसिएशन ने सरकार से कैब का किराया तय करने की मांग की थी, क्योंकि कंपनियों से चालकों को काफी कम मुनाफा होता है। दिल्ली टैक्सी, टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सम्राट ने कहा कि काली-पीली टैक्सी के लिए किराया 14 रुपये से बढ़ाकर 17 रुपये प्रति किलोमीटर किया जा सकता है। शुरुआती किलोमीटर का किराया भी 25 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया जाएगा। अचानक किराये में बढ़ोतरी से यात्रियों की संख्या कम होगी और इससे वाहन चालकों को नुकसान होगा।