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गाजियाबाद आग की भयावह तस्वीरें: गौर ग्रीन सोसायटी में जली इमारत के सरिये पिघले, पिलर में दरार, होगी जांच

राजू मलिक, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: Akash Dubey Updated Fri, 01 May 2026 02:51 PM IST
सार

गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में लगी भीषण आग से टावर डी को भारी नुकसान हुआ है। चार घंटे तक उच्च तापमान झेलने के कारण मुख्य पिलर में तीन फीट की दरार आ गई है, जिससे इमारत की भार वहन क्षमता घट गई है और मामूली भूकंप में भी इसके ढहने का खतरा है। 

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Ghaziabad Fire: Iron rods melt in burnt building of Gaur Green Society
गाजियाबाद की सोसायटी में आग - फोटो : अमर उजाला

इंदिरापुरम स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण आग से प्रभावित टावर डी की इमारत को भारी क्षति पहुंची है। करीब चार घंटे तक उच्च तापमान झेलने के कारण इसके मुख्य पिलर में तीन फीट लंबी दरार पड़ गई है। सरिये भी कमजोर हो गए हैं। इससे कंक्रीट की पकड़ ढीली पड़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में इमारत की भार वहन क्षमता घट जाती है। मामूली भूकंप में भी ढहने का खतरा रहता है।

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Ghaziabad Fire: Iron rods melt in burnt building of Gaur Green Society
Gaur Green Society Fire - फोटो : अमर उजाला

इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेषज्ञों से इमारत की जांच कराने का फैसला लिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही तय किया जाएगा कि यहां लोगों को रहने की अनुमति दी जाए या नहीं। आरडब्ल्यूए ने भी सुरक्षा और ढांचे को मजबूत बनाने के लिए टावर का स्ट्रक्चर ऑडिट कराने का फैसला लिया है।

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Ghaziabad Fire: Iron rods melt in burnt building of Gaur Green Society
Gaur Green Society Fire - फोटो : अमर उजाला

सोसायटी में बुधवार को भड़की आग के दौरान टावर डी के आठ फ्लैट प्रभावित हुए। इनमें से सात पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। यहां रखे फर्नीचर, पीवीसी वर्क व घरेलू सामान ने आग को और भड़काया। करीब 12 एसी और एक दर्जन से ज्यादा फ्रिज में ब्लास्ट हुए। स्टील के पंखे पिघलकर लटक गए।

Ghaziabad Fire: Iron rods melt in burnt building of Gaur Green Society
Gaur Green Society Fire - फोटो : अमर उजाला

घटना की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दीवारों पर लगीं स्टील की एंगल आग की चपेट में आने से प्लास्टिक की भांति पिघल गईं और उसकी धातु बूंद-बूंद कर जमीन पर आ गिरी। प्लास्टर गिरने से छत और दीवारें भी कमजोर हो गई हैं। अग्निशमन विभाग के पूर्व सीएफओ के मुताबिक, लंबे समय तक आग का ताप झेलने से पिलर और दीवारों में दरार स्वाभाविक है। उच्च तापमान में लोहे के सरिये पिघलकर नरम पड़ जाते हैं। इससे कंक्रीट और लोहे का बंधन टूट जाता है, जिससे स्ट्रक्चर कमजोर हो जाता है।

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Ghaziabad Fire: Iron rods melt in burnt building of Gaur Green Society
Gaur Green Society Fire - फोटो : अमर उजाला

दहशत में लोग, सता रहा अनहोनी का डर 
आग की चपेट में आए सात फ्लैट्स के परिवार सोसायटी छोड़कर रिश्तेदारों के यहां और होटलों में शरण लेने को मजबूर हैं। 11वीं मंजिल पर रहने वाले पूर्व सीएमओ नीरज मित्तल ने भी फ्लैट खाली कर दिया है। वह अपने बेटे के पास नोएडा चले गए हैं। उन्होंने बताया कि फ्लैट का कुछ हिस्सा ही आग की चपेट में आया है, लेकिन पिलर में दरार पड़ने से यहां रहना सुरक्षित नहीं लग रहा। बिल्डिंग के गिरने का भय सता रहा है।

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