मेवात के डीसी द्वारा फेसबुक पोस्ट पर की गई टिप्पणी को लेकर बवाल मच गया है। फेसबुक पोस्ट में उन्होंने स्वच्छता अभियान का जिक्र किया है, लेकिन ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है जिस पर हरियाणा के जिले कई लोग उनकी भाषा पर आपत्ति जता रहे हैं। उन्होंने फ़ेसबुक पर मंगलवार को एक तस्वीर जारी की थी, जिसमें कुछ लोगों को घुटने के बल बैठा दिखाया गया है और पुलिस उनके इर्द-गिर्द खड़ी है। तस्वीर के साथ मणिराम शर्मा ने लिखा सालाहेडी और सलम्बा खुले में शौच के लिए दो सर्वाधिक बदनाम गांव, दोनों गांव में बड़े-बड़े लोग।
स्वच्छता अभियान पर IAS अधिकारी ने डाली विवादित पोस्ट, सोशल मीडिया पर हुई थू-थू
- खुले में शौच के खिलाफत करने वालों के लिए डाली पोस्ट
मेवात के डीसी की पोस्ट पर बवाल
- खुले में शौच के खिलाफत करने वालों के लिए डाली पोस्ट
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उनसे ज्यादा संख्या में बड़े-बड़े लोगों के चमचे. इस चमचागिरी की ताकत के दम पर ही ना ये सरपंच की सुनते हैं और ना ही जिला प्रशासन की. आज इनकी अकड ढीली करनी थी और तसल्ली से ढीली कर भी दी। फ़ोटो में दिखने वाले चारों व्यक्ति न केवल सम्पन्न और पहुंच रखने वाले हैं, बल्कि इनके घरों में शौचालय भी हैं। फिर भी चमचागिरी की ताकत का भरोसा कुछ ज्यादा ही था इनको। इनको न केवल विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया गया और फिर पंचायत खाते में जुर्माना भी वसूल किया गया। शर्मा ने आगे लिखा, एक तरफ कहते हैं कि खुले में शौच करने वालों का ना रोजा कबूल होता है और ना नमाज. वहीं दूसरी तरफ पाक रमजान में यह हरकत. नाकाबिले बर्दाश्त तो है ही. जाहिर सी बात है कि फोर्स इसी हिसाब से धावा बोलेगी। इस मामले में अमर उजाला से बातचीत में स्वीकार किया की उनकी ही पोस्ट है।
शर्मा की भाषा अधिकारी जैसी नहीं
मणिराम शर्मा की इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए मोहम्मद साबिर शम्सी ने लिखा, यह कहना सही नहीं कि खुले में शौच करने वालों का रोजा नमाज कुबूल नहीं होता. जो भाषा आप ने इस्तेमाल की है यह बिलकुल भी अच्छे इंसान की भाषा नहीं है. इस तरह की भाषा का प्रयोग कोई घमंडी आदमी ही कर सकता है. यह किसी बड़े अधिकारी या कलेक्टर की भाषा नहीं हो सकती।
क्या है पोस्ट ..
कुछ लोगों को मेरी भाषा-शैली पर आपत्ति है. संख्या ज्यादा ही है. आपत्ति करने वालों ने मेरी भाषा अभी सुनी ही कहां है. मेरी भाषा में दस शब्दों वाले वाक्य में आठ शब्द गाली ही होते हैं. वही मेरी ऑरिजनल भाषा है। और मुझे अपनी भाषा से बहुत प्यार है। आप लोगों को आयोग से शिकायत अवश्य करनी चाहिए। जिन्होंने एक बार नहीं, दो बार नहीं; बल्कि तीन बार मेरा चयन किया। वह भी बिना किसी रिजर्वेशन के।
अल्पसंख्यकों के गांव हैं सालाहेडी और सलम्बा
हरियाणा सरकार के पूर्व परिवहन मंत्री और नूह (मेवात) के पूर्व विधायक आफ़ताब अहमद ने मणिराम शर्मा की फ़ेसबुक पोस्ट की निंदा की है। उन्होंने कहा कि सालाहेडी और सलम्बा, दोनों ही अल्पसंख्यकों के गांव हैं. छह से सात हजार दोनों की आबादी है। ज्यादातर लोग कामगार हैं और गरीब हैं. इनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझे बिना। उन्हें बदनाम नहीं करना चाहिए।
शौच पर छापेमारी जारी रहेगी
बुधवार सुबह अपनी ताजा फ़ेसबुक पोस्ट में शर्मा ने जानकारी दी है, सुबह साढ़े 4 बजे से 6 बजे के बीच होने वाली छापेमारी जारी रहेगी। अगले गांव होंगे आलदोका, कुरथला, छापेडा और छाछेडा. एक्शन में कोई नरमी मंजूर नहीं. छापेमारी जारी रहेगी। इनेलो विधायक जाकिर हुसैन का कहना उपायुक्त की यह पोस्ट गलत है। जनता के बीच क्या संदेश देना चाहते हैं। यदि किसी अभियान को सफल बनाना है तो प्रशासन उन्हें स्वच्छता को लेकर जाकरुक करे। उपायुक्त की इस पोस्ट की वह निंदा करते हैं।