आम आदमी पार्टी (आप) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में केंद्र सरकार की आर्थिक, राजनीतिक व सामाजिक नीतियों पर सवालिया निशान लगाया गया। वहीं, दिल्ली सरकार के कामों की तारीफ करते हुये वक्ताओं ने अपनी पीठ थपथपायी। दिन भर चली बैठक के बाद पार्टी ने अलग-अलग मसलों पर कई प्रस्ताव किये। साथ ही केंद्र सरकार से इस दिशा में काम करने की अपील भी की गयी। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, संजय सिंह समेत राष्ट्रीय परिषद के के करीब 300 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
AAP बैठक : सबने की केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना, अपनी तारीफोंं के आप ने बांधे पुल
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पार्टी संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि दिल्ली में पार्टी की सरकार पूरी मजबूती के साथ काम कर रही है। इसकी देश-दुनिया में तारीफ हो रही है। जनहित के मुद्दों को लेकर जमीन से लेकर सदन तक काम हो रहा है। जरूरत पडने पर दिल्ली सरकार को केंद्र व उपराज्यपाल के साथ संघर्ष करना पड़ता है।
इससे पहले बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने परिषद के सदस्यों के सामने दिल्ली सरकार के जनहित के कार्यों को रखा। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य और बिजली-पानी जैसे मुद्दों पर दिल्ली की जनता के लिए किए जा रहे बेहतरीन कार्यों के बारे में परिषद को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के कामों के सहारे आज की विश्व बैंक की रैंकिग में तेजी से सुधार हुआ है। हालांकि, उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की वह अगर दिल्ली सरकार को काम करने दे तो दिल्ली देश का सबसे बेहतर शासनिक मॉडल साबित होगा।
पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में सभी राज्यों के प्रभारियों ने देश के अलग-अलग राज्यों में संगठन निर्माण से जुड़ी जानकारियां एंव पार्टी की गतिविधियों के बारे में राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को जानकारी दी। जबकि वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने राष्ट्रीय परिदृश्य में समसामयिक व अहम मसलों को बैठक में रखा। इसके बाद सभी सदस्यों ने विस्तार से उन मुद्दों पर चर्चा की। बाद पार्टी के नेता आशुतोष ने सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए परिषद की सर्वसम्मति से प्रस्ताव को पास कराया।
बैठक में पारित प्रस्ताव
राजनीतिक प्रस्ताव: केंद्र सरकार की तरफ से बनाये गये देश के मौजूदा माहौल को आप ने अघोषित आपातकाल करार दिया। इस पर चिंता जाहिर करते हुये अमन चैन कायम करने की अपील समाज से की। वहीं, ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट लगाने व 25 फीसदी बूथ पर पेपर ट्रायल करने की मांग की। केन्द्र सरकार की तरफ से दिल्ली के उपराज्यपाल की मदद से दिल्ली की चुनी हुई सरकार को काम करने से रोकने की निंदा की। पार्टी ने भ्रष्टाचार मुक्त वैकल्पिक राजनीति में अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। साथ ही दिल्ली विधानसभा से पास हुआ जनलोकपाल बिल व केंद्र का लोकपाल कानून को लागू करने की मांग की।