कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बयानबाजी अक्सर मीडिया की सुर्खियां बनती है, लेकिन वे कितने उदार दिल हैं, इसकी बानगी राजधानी के वसंतकुंज इलाके में चलती बस में गैंग रेप की शिकार हुई निर्भया की मां के मुंह से सुनी जा सकती हैं।
निर्भया का भाई बना पायलट, राहुल गांधी ने की थी मदद
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राहुल न केवल उस विभत्स घटनाक्रम के बाद निर्भया के परिजनों को हाल जानते रहे बल्कि उसके भाई को पायलट बनने में भी मदद की ताकि वह परिवार का सहारा बन सके। राहुल की ओर से उसकी पढ़ाई में की गई मदद का नतीजा है कि आज वह पायलट ट्रेनिंग पूूरी करने के अंतिम पड़ाव पर है। निर्भया की मां आशा देवी ने बेटे की पढ़ाई के लिए दिए गए सहयोग के लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि राहुल ने निर्भया के भाई की पढ़ाई में बहुत मदद की, जिस कारण वह अब पायलट बनने जा रहा है और जल्द ही प्लेन उड़ाने की तैयारी कर रहा है। इतना ही नहीं प्रियंका गांधी भी फोन कर उनके परिवार का हालचाल पूछती रहती हैं।
निर्भया की मां ने कहा कि उनकी बेटी के साथ हुई दर्दनाक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इसके बाद निर्भया के छोटे भाइयों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी। उसी दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उनके बेटे अमन (परिवर्तित नाम) की पायलट बनने की पढ़ाई में मदद की। अमन ने उत्तर-प्रदेश के रायबरेली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से पढ़ाई पूरी की है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की वजह से ही उनका बेटा वर्तमान में गुरुग्राम स्थित एक व्यावसायिक एयरलाइंस में पायलेट की ट्रेनिंग के अंतिम पड़ाव में है और जल्द ही प्लेन भी उड़ाएगा।
ट्रेनिंग के दौरान भी संपर्क में रहे राहुल
उन्होंने कहा कि 18 महीने के पायलेट ट्रेनिंग कोर्स के दौरान राहुल लगातार उसके बेटे के संपर्क में रहे और वह अक्सर फोन करके परिवार के हालात के बारे में पूछते थे। उन्होंने कहा कि राहुल की बहन प्रियंका गांधी भी फोन करके उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछती रहती हैं। गौरतलब है कि 29 दिसम्बर 2012 को छह दरिंदों ने निर्भया कांड को अंजाम दिया था। इस वारदात के एक आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद तिहाड़ जेल में मार्च 2013 में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी, जबकि एक आरोपी नाबालिग था, जिसे तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेजा गया था, जो 2015 में छूट गया। इस मामले के चार आरोपियों मुकेश (29), पवन (22), विनय शर्मा (23) और अक्षय कुमार (31) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाई गई थी। चारों आरोपी वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं।