{"_id":"60d0c5558ebc3ef75470f2e2","slug":"30-years-of-movie-ramgarh-ke-sholay-the-film-was-a-sleeper-hit-amjad-khan","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"रामगढ़ के शाेले को पूरे हुए 30 साल: 'शोले' के बाद रिलीज हुई ये फिल्म साबित हुई थी 'स्लीपर' हिट","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
रामगढ़ के शाेले को पूरे हुए 30 साल: 'शोले' के बाद रिलीज हुई ये फिल्म साबित हुई थी 'स्लीपर' हिट
साल 1991 में निर्देशक अजीत दिवानी ने एक फिल्म बनाई थी 'रामगढ़ के शाेले'। अब आप सोच रहे होंगे कि फिल्म 'शोले' बनी है तो ये किस फिल्म की बात हो रही है। दरअसल, आज ही के दिन 21 जून, 1991 को रिलीज हुई फिल्म 'रामगढ़ के शाेले' निर्देशक रमेश सिप्पी की फिल्म की पैरोडी फिल्म थी। इसमें गब्बर को छोड़कर सब कुछ नकली था। अमिताभ, गोविंदा, अनिल कपूर और देवानंद भी नकली। लेकिन फिल्म की खास बात ये थी कि ये सीरियस नहीं बल्कि कॉमेडी फिल्म थी। इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात ये थी कि अभिनेता अमजद खान ने पैसों की तंगी के कारण इस फिल्म में अपने ही आइकॉनिक रोल 'गब्बर' को दोबारा निभाने का कदम उठाया था। आज इस फिल्म को रिलीज हुए पूरे 30 साल बीत चुके है। तो चलिए इस खास मौके पर 'रामगढ़ के शाेले' के बारे में कुछ खास बातें आपको बताते हैं...
क्या होता है 'स्लीपर' हिट
'स्लीपर' हिट यह शब्द फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी फिल्म के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिसका प्रमोशन कम होता है। या फिर कोई ऐसी फिल्म, जिसकी ओपनिंग अच्छी न हुई हो बावजूद उसके वह लंबे समय तक के लिए चल जाती है और एक बड़ी सफल फिल्म बन जाती है। इस टर्म का यूज म्यूजिक वीडियोज के लिए भी किया जाता है। लेकिन फिल्म 'रामगढ़ के शाेले' को भी स्लीपर हिट कहा गया।
2 of 5
गब्बर के रोल में अमजद खान
- फोटो : अमर उजाला
'शोले' में गब्बर के रोल में अभिनय करने वाले अभिनेता अमजद खान दर्शकों के दिलों में बस गए थे। लेकिन बाद में अपने बढ़े हुए वजन के कारण उनके पास कोई काम नहीं आता था। फिल्म में काम करने की वजह उनके प्रोडक्शन में बनी दो फिल्मों का फ्लॉप हो जाना था। इसके बाद अमजद की सेविंग्स पूरी तरह खत्म हो चुकी थीं। साथ ही उन्हें बढ़ते हुए वजन के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो रही थीं।
3 of 5
रामगढ़ के शोले का पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
'रामगढ़ के शाेले' बेहद कम बजट में बनी फिल्म थी। रिलीज के बाद क्रिटिक्स ने भी इसे एक स्टार रेटिंग ही दी थी। लेकिन फिर भी फिल्म के निर्माताओं को चार गुना फायदा मिला था क्योंकि फिल्म को गांवों में बेहद पसंद किया गया था। फिल्म की शूटिंग महज 40 दिन में पूरी की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 5
रामगढ़ के शोले का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
पैरोडी फिल्म में 'रामगढ़ के शाेले' सबसे सफल मानी जाती है। पैरोडी फिल्म उन कॉमेडी फिल्मों को कहते हैं जो किसी फिल्म या कई फिल्मों की नकल होती हैं। इन फिल्मों को आलोचक कम पसंद करते हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई करती हैं। इनमें घूम, ढूंढते रह जाओगे, डुप्लिकेट शोले, ओह डार्लिंग ये है इंडिया, क्विक गन मुरगन, सूरमा भोपाली और मैं हूं पार्ट टाइम किलर जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। अब इस पैरोडी फिल्म को भी लोगों ने पसंद किया।
विज्ञापन
5 of 5
रामगढ़ के शोले का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
फिल्म 'रामगढ़ के शाेले' में चार-चार डुप्लिकेट्स ने काम किया था। जिसमें विजय सक्सेना ने अमिताभ बच्चन का रोल प्ले किया था। वहीं किशोर भानुशाली ने देव आनंद का रोल अदा किया था। गोविंदा और अनिल कपूर के डुप्लिकेट्स ने भी फिल्म में काम किया था। हालांकि, अमजद खान का कोई डुप्लिकेट नहीं था। इसलिए वे खुद इस फिल्म में गब्बर का रोल करते नजर आए थे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।