{"_id":"5ff485f3fa718f45d61e323a","slug":"a-r-rahman-birthday-special-story-the-composer-chose-sufism-religion-and-changed-his-name","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"A R Rahman Birthday: इस चमत्कारी घटना को देख ए आर रहमान ने अपनाया था इस्लाम, ऐसे दिलीप कुमार से अल्ला रख्खा बने संगीतकार","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
A R Rahman Birthday: इस चमत्कारी घटना को देख ए आर रहमान ने अपनाया था इस्लाम, ऐसे दिलीप कुमार से अल्ला रख्खा बने संगीतकार
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: विजयाश्री गौर
Updated Wed, 06 Jan 2021 09:38 AM IST
विज्ञापन
1 of 6
ए आर रहमान
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
बॉलीवुड में गीतकार और संगीतकार की कमी नही है बल्कि यहां ऐसे ऐसे हीरे हैं जिनकी आवाज और संगीत कानों में पड़ते ही सुनने वाला झूमने लगता है। हालांकि एक आवाज ऐसी भी है जो सीधे दिल तक पहुंचती है और जिसके संगीत मन को शांति पहुंचा देते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं संगीतकार ए आर रहमान की जिन्होंने देश से लेकर विदेश तक भारतीय संगीत का लोहा मनवाया है। 6 जनवरी को ए आर रहमान का 52वां जन्मदिन है। तो चलिए उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
2 of 6
a r rahman
ए आर रहमान ने बॉलीवुड को सिर्फ अपनी आवाज और संगीत ही नहीं बल्कि अपना दिल भी दिया है। संगीत के प्रति ए आर रहमान का समर्पण कुछ ऐसा है कि सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेश में भी उनके लाखों फैन हैं। उनकी प्रतिभा का इससे बड़ा और क्या प्रमाण होगा कि रहमान को इंटरनेशनल अवॉर्ड के साथ दुनिया के सबसे प्रसिद्ध ऑस्कर अवॉर्ड से भी नवाजा गया है।
3 of 6
ए आर रहमान
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
6 जनवरी 1966 में चेन्नई में जन्में ए आर रहमान का पूरा नाम अल्लाह रक्खा रहमान है। हालांकि उनका असली नाम 'दिलीप कुमार' था जो कि उन्हें पसंद नहीं था। रहमान हमेशा से चाहते थे कि उनका ये नाम बदल दिया जाए, लेकिन उन्हें इसका मौका ही नहीं मिल रहा था। अपनी आवाज से लोगों के दिलों में बस जाने वाले रहमान को संगीत अपने पिता से विरासत में मिला है। उनके पिता भी संगीतकार थे। हालांकि रहमान जब 9 साल के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
a r rahman
- फोटो : twitter
पिता के जाते ही रहमान के घर में गरीबी आ गई थी। यहां तक कि घर में रखे वाद्ययंत्र तक बेचने पड़े थे। हालांकि रहमान की मां को सूफी संत पीर करीमुल्लाह पर पूरा भरोसा था। हिंदू धर्म में भी वो बहुत विश्वास रखती थीं। रहमान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पिता के गुजर जाने के करीब 10 साल बाद वो कादरी साहब से मिलने पहुंचे थे। उनकी तबियत खराब थी। उस दौरान उनकी मां ने कादरी साहब की बहुत सेवा की थी।
विज्ञापन
5 of 6
A R Rahman
आगे रहमान ने कहा कि, 'मुझे समझ आ गया था कि आगे बढ़ने के लिए एक रास्ता चुनना है और वो है सूफिज्म का रास्ता'। संगीत उनके लहू में था और इसलिए उन्होंने सूफी इस्लाम को अपनाने का फैसला कर लिया। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक गाने गाए और संगीत दिया जिसने हर किसी को उनका दीवाना बना दिया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।