बॉलीवुड के मिस्टर फिट एंड फाइन 'झक्कास' एक्टर अनिल कपूर अपनी शादी की 37वीं सालगिरह मना रहे हैं। उन्होंने सुनीता कपूर से 19 मई 1984 को शादी की थी। अनिल कपूर का जीवन हमेशा ही एक खुली किताब की तरह रहा। अनिल के फैंस को उनके बारे में हर छोटी-बड़ी अपडेट रहती है, फिर चाहे वह उनकी फिल्मों को लेकर हो या उनके निजी जीवन से जुड़ी हों। चलिए इस खास मौके पर आपको अनिल और सुनीता कपूर की दिलचस्प लव स्टोरी के बारे में बताते हैं। पहली नज़र का प्यार... फिर एकरार और उसके बाद शादी, ऐसा शायद आपने सिर्फ फिल्मों में ही सुना होगा। लेकिन असल जिंदगी में भी ऐसा होता है। इस बात को अनिल कपूर ने बखूबी साबित किया है। जब अनिल ने पहली बार सुनीता कपूर को देखा था तभी उन्हें अपना दिल दे बैठे थे। लेकिन शादी तो छोड़िए पहले सुनीता तक पहुंच पाना ही उनके लिए बहुत मुश्किल था। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने प्यार को साबित कर दिखाया।
विवाह को 37 साल: दिलचस्प है अनिल कपूर और सुनीता की लव स्टोरी, कई बार टलने के बाद हो पाई थी शादी
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आज भले ही अनिल कपूर किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं लेकिन जब उनका परिवार मुंबई आया था तो वे राज कपूर के गैराज में रहा करते थे। हालांकि बाद में अनिल पूरे परिवार के साथ मिडिल क्लास इलाके में एक कमरा किराए पर लेकर रहने लगे थे। अनिल के पिता सुरेंद्र कपूर की लगन के चलते उनके परिवार को एक अच्छी लाइफ मिल पाई। सुरेंद्र कपूर फिल्म डायरेक्टर थे इसलिए अनिल का रुझान शुरू से फिल्मों की तरफ रहा। अनिल ने बतौर लीड एक्टर अपनी पहली डेब्यू फिल्म 1980 में तेलुगु सिनेमा में की थी। यह फिल्म थी 'वामसा व्रुक्षम'। हालांकि, इससे पहले अनिल 1979 में डायरेक्टर उमेश मेहरा की फिल्म 'हमारे-तुम्हारे' में सपोर्टिंग रोल में नजर आ चुके थे।
अभी अनिल कपूर स्ट्रगल ही कर रहे थे कि उनकी लाइफ में जानी-मानी मॉडल सुनीता की एंट्री हुई। अनिल, सुनीता को देखकर उन्हें अपना दिल दे बैठे थे। वे उनके करीब आना चाहते थे, लेकिन उनके पास सुनीता तक पहुंचने का कोई जरिया नहीं था। एक बार उनके दोस्तों ने अनिल को सुनीता का फोन नंबर दिया। इसके बाद दोनों की बातचीत शुरू हो गई। अनिल, सुनीता की आवाज के दीवाने हो गए थे। एक बार हिम्मत करके अनिल ने सुनीता के सामने डेट पर जाने का प्रस्ताव रख दिया। सुनीता ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।
इसके बाद दोनों बस और टैक्सी से घूमने जाने लगे। सुनीता फेमस मॉडल होने के बाद भी बस से घूमती थीं। अनिल अभी स्ट्रगल ही कर रहे थे इसलिए सुनीता ही उनका पूरा खर्च उठाती थीं। आखिरकार अनिल ने उन्हें प्रपोज कर दिया और बात शादी तक आ गई। अनिल को भी फिल्में मिलना शुरू हो गईं और 1984 में आई फिल्म ‘मशाल’ से उन्हें खास पहचान मिली। दोनों की शादी पर उनके परिवार वालों को तो आपत्ति नहीं थी, लेकिन अनिल के बॉलीवुड के दोस्तों को आपत्ति थी। उन्होंने अनिल को सलाह दी कि शादी के बाद उनका करियर खत्म हो जाएगा। इसलिए दो बार उन्होंने शादी की डेट भी टाल दी।
आखिरकार सुनीता को काफी समय डेट करने के बाद 19 मई, 1984 को दोनों का रिश्ता पति-पत्नी का हो गया। शादी के बाद सुनीता ने अनिल के करियर को ही अपना करियर मान लिया। उन्होंने मॉडलिंग छोड़कर घर संभाला और अनिल का साथ दिया। वो अनिल के लिए ड्रेस डिजाइन करने से लेकर उनके साथ शूटिंग पर विदेश तक जाती थीं।