प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान से एक रैली को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने देशभर में नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर हो रही हिंसा, एनआरसी, मुसलमान, विपक्ष, अर्बन नक्सल से लेकर हर मुद्दे पर अपनी बात रखी। विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वह देशभर मे झूठ फैला रहे हैं। रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी कहा कि सीएए से मुसलमानों को डरने की जरूर नहीं हैं। पीएम के इस बयान पर मशहूर निर्देशक अनुभव सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पीएम मोदी के भाषण से खुश हुए आर्टिकल 15 के निर्देशक, ट्विटर पर लिखा- 'मुसलमानों को कोई फर्क नहीं...'
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फिल्म अर्टिकल 15 के निर्देशन अनुभव सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के बाद ट्विटर पर लिखा, "अब तो प्रधानमंत्री जी ने भी कह दिया कि मुसलमानों को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, खुशी की बात है"। अनुभव सिन्हा के इस ट्वीट पर कई सोशल मीडिया यूजर्स और उनके फैंस अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। अनुभव सिन्हा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और अक्सर सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय देते रहते हैं।
अब तो प्रधान मंत्री जी ने भी कह दिया कि मुसलमानों को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा। ख़ुशी की बात है।
बीते कुछ दिनों से नागरिकता कानून 2019 (Citizen Amendment act 2019) के खिलाफ कई हिस्से में लोगों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस कानून के खिलाफ आम नागरिकों से लेकर छात्र और बॉलीवुड के कई सितारे भी हैं। इस सितारों में अनुभव सिन्हा का भी नाम शामिल है। वहीं बात करें रामलीला मैदान में दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की तो उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून भारत के किसी नागरिक के लिए, चाहे वो हिंदू हो या मुसलमान, के लिए है ही नहीं। ये संसद में बोला गया है। ये कानून का इस देश के अंदर रह रहे 130 करोड़ लोगों से कोई वास्ता नहीं है। कांग्रेस और उसके साथी, शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े लिखे नक्सली- अर्बन नक्सल, ये अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। कुछ तो अपनी शिक्षा की कद्र करिए। एक बार पढ़ तो लीजिए नागरिकता संशोधन एक्ट है क्या? अब भी जो भ्रम में हैं, मैं उन्हें कहूंगा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा उड़ाई गई डिटेंशन सेंटर की अफवाह सरासर झूठ हैं। जो हिंदुस्तान की मिट्टी के मुसलमान हैं, उनसे नागरिकता कानून और एनआरसी दोनों का ही कोई लेना-देना नहीं है।
विपक्ष सीएए को गरीबों के खिलाफ ही बता रहे हैं, कह रहे हैं कि जो लोग आएंगे वो यहां के गरीबों का हक छीन लेंगे। कम से कम झूठ फैलाने से पहले गरीबों पर दया करो भाई। उन्होंने कहा कि आपको मोदी का विरोध करना है तो कीजिए लेकिन देश की संपत्ति को नुकसान मत पहुंचाइये। प्रधानमंत्री ने नागरिकता कानून को लेकर लोगों से देश की संसद, लोकसभा, राज्यसभा और चुने हुए प्रतिनिधियों का सम्मान करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, 'ये लोग किस तरह अपने स्वार्थ के लिए, अपनी राजनीति के लिए किस हद तक जा रहे हैं, ये आपने पिछले हफ्ते भी देखा है। जो बयान दिए गए, झूठे वीडियो, उकसाने वाली बातें कहीं, उच्च स्तर पर बैठे लोगों ने सोशल मीडिया में डालकर भ्रम और आग फैलाने का गुनाह किया है।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने के बाद कुछ राजनीतिक दल तरह-तरह की अफवाहें फैलाने में लगे हैं, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, भावनाओं को भड़का रहे हैं। मैं उनसे जानना चाहता हूं, क्या जब हमने दिल्ली की सैकड़ों कॉलोनियों को वैध करने का काम किया, तो किसी से पूछा क्या कि आपका धर्म है, आपकी आस्था क्या है, आप किस पार्टी के समर्थक हैं। उज्जवला योजना के लाभार्थियों से हमने पहले उनका धर्म नहीं पूछा। विपक्ष भेदभाव साबित करे।
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