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बिमल रॉय की 'दो बीघा जमीन' देखती रह गई थी दुनिया, आज भी मानी जाती है सर्वश्रेष्ठ फिल्म

Wed, 08 Jan 2020 09:23 AM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: अपूर्वा राय Updated Wed, 08 Jan 2020 09:23 AM IST
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Bimal Roy Do Bigha Zamin Director Life Struggle and Lesser Known Facts
bimal roy - फोटो : amar ujala

हिंदी सिनेमा जगत में निर्देशक बिमल रॉय का नाम महान निर्देशकों में लिया जाता है। 12 जुलाई 1909 में जन्में बिमल रॉय की आज पुण्यतिथि है। बिमल रॉय की लोकप्रियता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि मधुबाला को उनकी फिल्म में काम न कर पाने का अफसोस था। बिमल रॉय के पिता जमींदार थे। पिता की आकस्मिक मौत के बाद उनके घर पर पारिवारिक विवाद हुआ जिसकी वजह से उन्हें जमीदारी से बेदखल होना पड़ा। इसके बाद वह अपने पूरे परिवार के साथ कोलकाता चले आए। 

Bimal Roy Do Bigha Zamin Director Life Struggle and Lesser Known Facts
Bimal Roy - फोटो : Social Media

बिमल रॉय ने मानवीय सरोकारों से जुड़े मुद्दों को अपने सिनेमा के जरिए दिखाया। संगीतकार सलिल चौधरी को बिमल रॉय ने 'दो बीघा जमीन' के लिए हिंदी सिनेमा में पहला ब्रेक दिया। सलिल चौधरी ने फिल्म की कहानी भी लिखी थी और बलराज साहनी को मुख्य भूमिका के लिए बिमल रॉय से मिलवाया था। यह वही फिल्म थी जिसने बिमल रॉय को अमर कर दिया। दो बीघा जमीन 1953 में आई थी।

Bimal Roy Do Bigha Zamin Director Life Struggle and Lesser Known Facts
बिमल रॉय - फोटो : SELF
ये फिल्म न सिर्फ किसानी को समर्पित जबरदस्त फिल्म है बल्कि अभिनेताओं के लिए भी धर्मपुस्तक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे काफी सराहा गया और कई पुरस्कार अपनी झोली में बटोरे। फिल्म देखने के बाद एक बार राजकपूर ने कहा था कि 'मैं इस फिल्म को क्यों नहीं बना सका।
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दो बीघा जमीन

बिमल रॉय को 1954 में कांस फिल्म फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के अलावा 11 फिल्मफेयर और दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। बिमल रॉय की शानदार फिल्मों में 'दो बीघा जमीन', 'परिणीता', 'बिराज बहू', 'मधुमति', 'सुजाता', 'देवदास' और 'बंदिनी' है।

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Bimal Roy
1958 में उनकी फिल्म 'मधुमति' को 9 फिल्मफेयर पुरस्कार मिले थे। उनके नाम यह रिकॉर्ड 37 साल तक कायम रहा। कैंसर से पीड़ित बिमल रॉय आज ही के दिन साल 1965 में 55 साल की उम्र में चल बसे। फिल्म 'मधुमती' ने तो बिमल रॉय के मरणासन्न करियर में जान फूंक दी थी।
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