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कोरोना काल में सुभाष घई ने बताई बॉलीवुड की ताकत, कहा- 'सिनेमा आपको आंतरिक शक्ति देता है'
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avinash Pal
Updated Sat, 18 Apr 2020 10:07 AM IST
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सुभाष घई
- फोटो : सोशल मीडिया
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देश में कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है। ऐसे में हर कोई अपनी- अपनी तरफ से इसके खिलाफ जंग में योगदान कर रहा है। बड़ी मात्रा में लोग जहां घर पर रहकर सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग आर्थिक सहायता के साथ ही जरूरतमदों को भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसे में बॉलीवुड और कोरोना को लेकर निर्देशक सुभाष घई ने अमर उजाला से बात की।
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सुभाष घई
- फोटो : सोशल मीडिया
सुभाष घई कहते हैं, "आज हिंदी सिनेमा व्यापक हो गया है, जैसे 'जिंदगी हर कदम एक नई जंग है, जीत जाएंगे हम जो तू संग है', ऐसे गीतों से सिनेमा सबको प्रेरित करता है। आज हम अपने मोबाइल के ऊपर हर एंटरटेमेंट देख सकते हैं। हम दुनियाभर की पेटिंग्स, नदियां,सागर, शहर, शोज, ड्रामा, फिल्में, वेब सीरीज सब कुछ मोबाइल पर देख सकते हैं।"
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सुभाष घई
सुभाष आगे कहते हैं, 'बॉलीवुड जिसे आप हिंदी सिनेमा भी कहते हैं, उसके पास आज शक्ति क्या है। पूरे बॉलीवुड की बात करें तो 20-25 हजार करोड़ से ज्यादा की नहीं है। बाकी इंडस्ट्री कितनी बड़ी हैं। लेकिन बॉलीवुड में ऐसी शक्ति है कि वो आपको आंतरिक शक्ति दे सकती है। जैसे एक शिक्षक आपको सिखाता है, चाहें उसके पास पैसा न हो, लेकिन इस शक्ति को पैसे से मत तोलो।'
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subhash ghai
सुभाष ने इंटरव्यू में आगे कहा, ' वहीं अगर में निजी तौर पर अपनी बात करूं तो मैंने स्कूल के बच्चों को कहा है कि आप कोरोना से जुड़े वीडियो बनाकर भेजिए, मैं उसे सरकार को दूंगा, समाज तक पहुंचाऊंगा। छोटी- छोटी स्टोरी और वीडियोज भेजें, जो समाज को प्रेरित करें। हम कलाकार हैं, तो कलाकारी करनी पड़ेगी।'
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Subhash Ghai
सुभाष कहते हैं, 'कला एक देन है, जिसको आप स्वीकार कीजिए की आज हमारा हर कलाकार मुफ्त में काम करने को तैयार है कि वो किसी भी तरह से देश के काम आ सके। कलाकार का जीवन और अस्तित्व काफी अलग होता है। वर्ल्ड वॉर से लेकर अभी तक, हमेशा कलाकार मदद के लिए आगे आए हैं। मैं इन्हें एक डॉक्टर कहूंगा, जो मानसिक तौर पर आपकी सहायता करते हैं।'
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