भारतीय महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में सेमिफाइनल में अपनी जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। बता दें कि महिला हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में पहुंच गई है। इस मैच में गुरजीत कौर के गोल और रक्षापंक्ति के बेहतरीन प्रदर्शन से भारतीय महिला हॉकी टीम ने तीन बार गोल्ड मेडलिस्ट रही ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाकर देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
चक दे इंडिया रिप्ले: हकीकत में 'रील लाइफ', ऑस्ट्रेलिया को हराया, अब टीम को देने हैं जिंदगी के श्रेष्ठ 120 मिनट
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ट्वीटर पर भी इस जीत के साथ #ChakdeIndia ट्रेंड कर रहा है। पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी सहवाग ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'इतनी खुशी शायद किसी जीत पर महसूस नहीं हुई होगी। ये एक शानदार पल है। पहली बार महिला हॉकी टीम ओलंपिक के सेमिफाइनल में पहुंची, चक दे इंडिया'। वहीं खेल मंत्र अनुराग ठाकुर ने भी टीम की तारीफ करते हुए लिखा, 'शानदार परफॉरमेंस। भारतीय हॉकी टीम इतिहास रच रही है। ऑस्ट्रेलिया को हराकर हम सेमिफाइनल में पहुंच गए। महिला हॉकी टीम से कहना चाहेंगे कि 130 करोड़ देशवासी बस आपके साथ हैं'।
Itni khushi shayad kisi jeet par mehsoos huyi hogi!
Absolute Wow moment. First ever Olympics hockey semi-finals for our girls. Filled with pride.
Chak De India #Hockey pic.twitter.com/c9I5KZFaZ5
चक दे इंडिया फिल्म में भारत का फाइनल मुकाबला छह बार विश्वचैंपियन रह चुकी ऑस्ट्रेलिया टीम से हुआ था। ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारतीय टीम फिल्म में वर्ल्ड कप जीती थी। जिस तरह से फिल्म के अंत में पेनल्टी कॉर्नर से जीत तय हुई थी वैसा ही कुछ मंजर इस खेल में भी देखने को मिला। चौथे क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया की टीम ने जोरदार हमले किए और लगातार दो कॉर्नर भी हासिल किए। उसे मैच में कुल 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वो इस पर गोल नहीं कर सकी। वहीं भारतीय टीम को सिर्फ एक कॉर्नर मिला और उसने इस गोल पर जीत पक्की कर दी। असल जिंदगी के मैदान में भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया और तीन बार गोल्ड मेडल जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमिफाइनल में जगह बनाई।
भारतीय महिला टीम का अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन भी इसी ओलंपिक में रहा, जब वो छह टीमों में चौथे स्थान पर रही।अब भारतीय महिला की इस जीत पर हर देशवासी को गर्व है। सभी महिला खिलाड़ियों को बधाई दे रहे हैं और देश को उम्मीद है कि सेमिफाइनल मैच भी ये टीम इसी मेहनत और लगन के साथ जीत जाएगी
बता दें कि सेमीफाइनल में भारत का सामना चार अगस्त को अर्जेंटीना से होगा, जिसने जर्मनी को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है। इस प्रदर्शन से 41 साल में पहली बार महिला हॉकी में पदक की उम्मीद जगी है। बता दें कि भारतीय टीम मास्को ओलंपिक 1980 में चौथे स्थान पर रही थी लेकिन केवल छह टीमों ने हिस्सा लिया था और मैच राउंड रोबिन आधार पर खेले गए थे। इस बार भारतीय महिला हॉकी टीम अपने पूल में दक्षिण अफ्रीका और आयरलैंड को हराकर चौथे स्थान पर रही थी जबकि आस्ट्रेलिया अपने पूल में शीर्ष पर रहा था।