12 अगस्त 1997 को टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की मुंबई के साउथ अंधेरी इलाके में स्थित जीतेश्वर मंदिर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब एक बार फिर से गुलशन कुमार हत्याकांड चर्चा में है। इस केस में म्यूजिक कंपोजर नदीम सैफ पर गुलशन कुमार की हत्या करने की प्लानिंग करने का आरोप लगाया गया था। गुलशन कुमार केस में नाम सामने आने के बाद नदीम सैफ इंग्लैंड भाग गए और साल 2002 में भारतीय कोर्ट में सबूत न मिलने की वजह से उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने का केस रद्द कर दिया गया।
गुलशन कुमार हत्याकांड: म्यूजिक कंपोजर नदीम सैफी ने दी सफाई, कहा- मैं वापस भारत आना चाहता हूं
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कहा वापस भारत आनना चाहता हूं
मीडिया चैनल से की गई खास बातचीत में नदीम सैफी ने कहा कि वो भारत वापिस इसलिए आना चाहते हैं ताकि वो खुद को बेकसूर साबित कर सकें। उन्होंने कहा, ‘जिस व्यक्ति ने इंडिया और एशियाई लोगों को इतने सालों एंटरटेन किया उसके साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ। मैंने इतने सालों तक बेवजह का वनवास भोगा है। नदीम सैफी ने आगे कहा मुझे इस केस में फंसाया गया है।
मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है
नदीम सैफी ने मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि उन्हें लगता है कि इस केस में उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है और फंसाया गया है। यूके हाई कोर्ट, यूके सुप्रीम कोर्ट, द हाउस ऑफ़ लॉर्ड्स और यहां तक कि सेशन कोर्ट जज जस्टिस एमएल तहिलयानी ने कंफर्म कर दिया था कि मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं है। कानून पर मुझे पूरा यकीन है और मेरे साथ बहुत ही नाइंसाफी की गई है। कुछ सालों पहले उन्होंने भारत सरकार से माफी की मांग की थी। उनका कहना था कि वह बेगुनाह हैं और वह नहीं चाहते कि उनके मां-बाप उन्हें निर्दोष देखे बिना ही मर जाएं।
गुलशन कुमार की कि गई थी हत्या
गुलशन कुमार से अबू सलेम ने उन्हें हर महीने 5 लाख रुपए देने के लिए कहा था, जिसके लिए गुलशन कुमार ने उन्हें मना कर दिया था। गुलशन कुमार ने कहा था कि वो इतने पैसे देकर मंदिर में भंडारा करवाएंगे। गुलशन कुमार की बात से नाराज अबू सलेम ने दिन दहाड़े गुलशन कुमार का मर्डर करवा दिया था।
वापसी की कर रहे हैं तैयारी
नदीम ने एक मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें 25 साल गुमनामी में रहने के बाद ये एहसास हुआ है कि अपने प्लान एक समय तक ही सीमित रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें म्यूजिक में वापस आने के लिए कई ऑफर आ रहे हैं। कॉन्सर्ट से लेकर फिल्मों तक के उन्हें परफॉर्म करने के ऑफर आ रहे हैं। नदीम सैफी ने कहा कि वो खुश हैं कि आज भी लोग उनके साथ काम करना चाहते हैं। नदीम-श्रवण ने 'आशिकी', 'साजन', 'दिल है कि मानता नहीं', 'दीवाना', 'सड़क', 'सैनिक', 'दिलवाले', 'राजा हिंदुस्तानी', 'फूल और कांटे' और 'परदेस', 'ये दिल आशिकाना’, जैसे कई गानों में संगीत दिया है।