आपको ये तो पता ही होगा कि मशहूर पटकथा लेखक, गीतकार और कवि जावेद अख्तर को 'जादू' के नाम से भी जाना जाता है। ये उनका निकनेम है। जावेद को वैसे कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के सह लेखन के लिए भी जाना जाता है। हैरानी की बात ये है कि नई पीढ़ी को जावेद की फिल्मों, गीतों, गजलों और नज्मों से ज्यादा उनका नाम सोशल मीडिया के विवादों के चलते अधिक सुनाई दिया। जावेद बोलने में बेफिक्र इंसान हैं। वह आगे बढ़ते जाते हैं। फिर इसके लिए चाहे उन्हें अपनों का दिल दुखाना पड़े या अपने प्रशंसकों का, वह परवाह कम ही करते हैं। आज उनकी सालगिरह है, चलिए देखते हैं, हाल फिलहाल उनको न्यू मिलेनियल्स ने किस तरह जाना।
Javed Akhtar Birthday: वे मामले जिनसे जावेद का दामन हुआ दागदार, कलम से ‘जादू’ के लिए रहे मशहूर
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अजान पर बयान
ये उस सोशल मीडिया पोस्ट की बात है जो जावेद अख्तर ने अजान में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के बारे में लिखी। उन्होंने लिखा कि देश में लगभग 50 साल तक लाउडस्पीकर पर अजान करना हराम मानी जाती थी। इसके बाद इसे लोगों ने हलाल मानना शुरू कर दिया। और, यह हलाल इस कदर हुई जिसकी कोई सीमा ही नहीं रही। जावेद अख्तर ने लिखा कि अजान करना ठीक है लेकिन लाउडस्पीकर पर इसे करना दूसरों के लिए असुविधा का कारण बन जाता है। बेहतर रहेगा कि लोग इसे कम से कम करें। जावेद के इस बयान पर जब विवाद हुआ तो उन्होंने सफाई तो जरूर दी लेकिन कोई पछतावा जाहिर नहीं किया। अपनी सफाई में जावेद ने खुद को मौकापरस्त नास्तिक ही बता डाला।
घूंघट पर बयान
भोपाल में एक समारोह के दौरान जावेद अख्तर ने अपने बयान में कहा था कि अगर देश में बुर्के पर प्रतिबंध लगाने का कानून लाया जा रहा है तो इसमें किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन, सरकार को घूंघट की प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाने की घोषणा करनी चाहिए। जावेद के इस बयान पर करणी सेना ने अपना सख्त रवैया अपनाया और एक नोटिस जारी करते हुए जावेद को अपने बयान पर जल्द से जल्द माफी मांगने या फिर परिणाम भुगतने की बात कही। इसके बदले में जावेद ने सोशल मीडिया पर कहा कि कुछ लोगों ने उनके बयान को गलत ढंग से पेश करने की कोशिश की है।
ताहिर हुसैन का बचाव
आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन पर जब दिल्ली में हिंसा भड़काने के आरोप लगे और उन पर कार्रवाई की गई तो इस कार्रवाई को लेकर जावेद अख्तर ने सवाल खड़े किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'कई लोग मारे गए, कई लोग घायल हुए, बहुत से घरों को जलाया गया, बहुत सी दुकानें लूट ली गईं, बहुत से लोग बेसहारा हो गए। लेकिन, पुलिस ने सिर्फ एक घर को सील किया और अब उसके मालिक की तलाश में है। दुर्भाग्य से उसका नाम ताहिर है। दिल्ली पुलिस के इस सामंजस्य को मेरा सलाम।' जावेद के इतना कहने की ही देर थी कि सोशल मीडिया पर जावेद को जबरदस्त ट्रोल किया गया। गाली गलौज की गई। उसके कुछ समय बाद जावेद ने सफाई देते हुए एक और पोस्ट लिखी, 'लोगों ने मुझे गलत समझ लिया।'
जावेद-कंगना विवाद
विवादों से जावेद अख्तर और कंगना रणौत दोनों का गहरा नाता रहा है। कंगना की बहन रंगोली ने जावेद पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने कंगना को अपने घर बुलाकर धमकाया था और अभिनेता ऋतिक रोशन से माफी मांगने को भी कहा था। जावेद ने हर बार अपने ऊपर लगे इन सभी आरोपों को गलत बताया है। जब कंगना ने इन बातों को कई बार दोहराया तो जावेद ने कंगना पर मानहानि का मुकदमा भी दायर कर दिया। फिलहाल यह मामला अदालत में है।